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इंटरनेट डेस्क। एक सप्ताह के बाद पितृपक्ष की शुरूआत होने जा रही है। हिंदू धर्म में पितरों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण व पूजन का विशेष समय माना जाता है। यह पक्ष हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होता है और आश्विन अमावस्या तक चलता है। तो जानते हैं इस बार पितृपक्ष से जुड़ी जानकारी के बारे में।
कब से होगी शुरूआत
वर्ष 2025 में पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा के दिन पूर्णिमा तिथि के श्राद्ध से होगी। इस दिन विशेष रूप से मातृपक्ष यानी नाना-नानी आदि का तर्पण किया जाता है। पितृपक्ष का विधिवत आरंभ 8 सितंबर से होगा, जब आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा। यह पावन काल 21 सितंबर तक चलेगा, जो आश्विन अमावस्या के दिन समाप्त होगा।
एक दिन होंगे ये श्राद्ध
पितृपक्ष 2025 में तिथि व्यवस्था के अनुसार इस बार पंचमी और षष्ठी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन किया जाएगा। चूंकि 12 सितंबर को दोपहर 1.20 बजे तक पंचमी तिथि है और इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ हो जाएगी, वहीं अगले दिन यानी 13 सितंबर को सुबह 11.04 बजे तक ही षष्ठी रहेगी। इसलिए पंचमी और षष्ठी, दोनों का श्राद्ध 12 सितंबर को ही संपन्न किया जाएगा।
पूर्णिमा श्राद्ध-7 सितंबर 2025
प्रतिपदा श्राद्ध-8 सितंबर 2025
द्वितीया श्राद्ध- 9 सितंबर 2025
तृतीया श्राद्ध- 10 सितंबर 2025
चतुर्थी श्राद्ध-10 सितंबर 2025
पंचमी श्राद्ध और महाभरणी: 12 सितंबर 2025
षष्ठी श्राद्ध- 12 सितंबर 2025
सप्तमी श्राद्ध- 13 सितंबर 2025
अष्टमी श्राद्ध- 14 सितंबर 2025
नवमी श्राद्ध-15 सितंबर 2025
दशमी श्राद्ध- 16 सितंबर 2025
एकादशी श्राद्ध-17 सितंबर 2025
द्वादशी श्राद्ध-18 सितंबर 2025
त्रयोदशी और माघ श्राद्ध-19 सितंबर 2025
चतुर्दशी श्राद्ध-20 सितंबर 2025
सर्वपितृ अमावस्या (पितृ विसर्जन)-21 सितंबर 2025
pc- ndtv.in