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इंटरनेट डेस्क। वास्तु शास्त्र में दिशाओं को लेकर भी बहुत सी जानकारियां दी गई हैं। इसमें बताया गया है कि किस दिशा में क्या करने से क्या होता है। आज हम आपको दक्षिण-पश्चिम दिशा के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसे नैऋत्य कोण कहा जाता है।
इस दिशा का संबंध क्रूर ग्रह राहु और केतु से माना जाता है। इस दिशा में की गई छोटी सी गलती भी व्यक्ति के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इस दिशा में गलती से भी कभी घर का मंदिर नहीं बनाना चाहिए। इस दिशा में बनाया गया मंदिर आपके लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती है।
इस दिशा में देवी-देवताओं को स्थापित करने से परिवार के लोगों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसके कारण आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। आपको इसी कारण भूलकर भी इस दिशा में मंदिर नहीं बनाना चाहिए।
PC:dnaindia
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