- SHARE
-
कई उतार-चढ़ाव भरे सालों के बाद बिटकॉइन एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है। 2026 की शुरुआत के साथ ही यह सवाल तेज हो गया है कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी नई ऊंचाइयों को छुएगी या फिर अस्थिरता का दौर जारी रहेगा। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिटकॉइन $2,25,000 (2.25 लाख डॉलर) तक पहुंच सकता है, जबकि कुछ विशेषज्ञ अभी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर रहे।
इन अलग-अलग अनुमानों से साफ है कि बाजार में उम्मीद और चिंता – दोनों मौजूद हैं।
2026 के अनुमान इतने अलग क्यों हैं?
कई फोरकास्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में बिटकॉइन की कीमत को लेकर काफी बड़ा गैप है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन करीब 17% गिरकर 75,000 डॉलर तक जा सकता है। वहीं, बुलिश एनालिस्ट्स को 150% तक की तेजी की उम्मीद है, जिससे कीमत 2,25,000 डॉलर तक पहुंच सकती है।
इस अंतर की वजह है – ग्लोबल इकोनॉमी, ब्याज दरें, रेगुलेशन, और निवेशकों की बदलती सोच।
रिकॉर्ड हाई के बाद क्यों आया करेक्शन?
अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से ऊपर का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इसके बाद मुनाफावसूली और दबाव के चलते कीमत 80,000 डॉलर के आसपास आ गई। फिलहाल बिटकॉइन अपने उच्चतम स्तर से करीब 30% नीचे ट्रेड कर रहा है। पिछले 6 महीनों में इसमें 16% से ज्यादा की गिरावट भी देखी गई है।
2025 की रैली के बाद बिकवाली क्यों बढ़ी?
2025 में बिटकॉइन की तेजी को अमेरिका में सकारात्मक रेगुलेटरी माहौल, संस्थागत निवेशकों की एंट्री और बैंकों जैसी बड़ी वित्तीय संस्थाओं के समर्थन से ताकत मिली थी। Digital Asset Treasury (DAT) कंपनियों की आक्रामक खरीद ने भी बाजार को सहारा दिया।
लेकिन साल के अंत में तस्वीर बदली। शेयर बाजार महंगे लगने लगे, AI सेक्टर में बबल की आशंका बढ़ी और मैक्रो अनिश्चितता गहराई। कई निवेशकों की जबरन लिक्विडेशन ने गिरावट को और तेज कर दिया।
मैक्रो फैक्टर क्यों बढ़ा रहे हैं चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव, AI पर हो रहे खर्च की स्थिरता पर सवाल और बदलती मौद्रिक नीति निवेशकों को सतर्क कर रही है। इसके अलावा, अमेरिका समेत कई देशों में होने वाले चुनाव भी निवेश धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
2026 में बिटकॉइन किस रेंज में रह सकता है?
कई एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 में बिटकॉइन 75,000 से 1,50,000 डॉलर की हाई-वोलैटिलिटी रेंज में ट्रेड कर सकता है। औसतन कीमतें 1,10,000 डॉलर के आसपास रह सकती हैं।
कुछ विशेषज्ञ ज्यादा बुलिश हैं और मानते हैं कि बिटकॉइन 1,20,000 से 1,70,000 डॉलर के बीच रह सकता है, खासकर साल के दूसरे हिस्से में।
संस्थागत निवेश और रेगुलेशन की अहम भूमिका
2026 में भी संस्थागत निवेश बिटकॉइन के लिए बड़ा सपोर्ट बन सकता है। बिटकॉइन ETF का विस्तार और नए निवेशकों की एंट्री बाजार को मजबूती दे सकती है। अमेरिका और अन्य देशों में रेगुलेशन को लेकर स्पष्टता आने पर निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा।
Standard Chartered जैसे बड़े बैंक बिटकॉइन का टारगेट 1,50,000 डॉलर बता चुके हैं।
ETFs बन सकते हैं नई तेजी का आधार
जैसे-जैसे बड़ी कंपनियों की खरीद धीमी हो सकती है, वैसे-वैसे बिटकॉइन ETFs बाजार के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकते हैं। ETF में मजबूत इनफ्लो कीमतों को ऊपर ले जाने में मदद कर सकता है।
बुलिश अनुमान अभी भी कायम
कई इंडस्ट्री लीडर्स को उम्मीद है कि बिटकॉइन 1,75,000 डॉलर तक जा सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स ने 75,000 से 2,25,000 डॉलर की चौड़ी रेंज का अनुमान दिया है। अगर फाइनेंशियल हालात अनुकूल रहे, तो बिटकॉइन पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।
2026 में बिटकॉइन का भविष्य कैसा रहेगा?
कुल मिलाकर, 2026 बिटकॉइन के लिए मौकों और जोखिमों दोनों से भरा साल हो सकता है। जहां एक तरफ नई ऊंचाइयों की संभावना है, वहीं वोलैटिलिटी भी बनी रहेगी। रेगुलेशन, ETF इनफ्लो, ब्याज दरें और ग्लोबल हालात – सब मिलकर बिटकॉइन की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे उत्साह में फैसले न लें और जोखिम को समझते हुए ही कदम बढ़ाएं।