HDFC Bank ने घटाया MCLR: क्या अब आपकी होम लोन EMI कम होगी? जानिए पूरा असर

epaper | Thursday, 08 Jan 2026 07:49:21 AM
HDFC Bank Cuts MCLR Rates: Will Your Home Loan EMI Come Down Now? Here’s What Borrowers Should Know

देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए MCLR में 0.05% (5 बेसिस पॉइंट) तक की कटौती की है। इस फैसले का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनके होम लोन, पर्सनल लोन या अन्य रिटेल लोन MCLR से जुड़े हुए हैं

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब RBI ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट को 5.50% से घटाकर 5.25% कर दिया था। इसके बाद कई बैंकों ने अपने ब्याज दरों में कटौती की है और अब HDFC Bank भी इसी राह पर चल पड़ा है।

किन अवधि के MCLR में कटौती हुई है?

HDFC Bank ने मुख्य रूप से शॉर्ट टर्म MCLR में कटौती की है। इसमें शामिल हैं:

  • ओवरनाइट MCLR

  • 1 महीने का MCLR

  • 3 महीने का MCLR

इन सभी में 5 बेसिस पॉइंट तक की कटौती की गई है। वहीं 6 महीने, 1 साल, 2 साल और 3 साल की अवधि के MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

अब बैंक की MCLR रेंज 8.25% से 8.55% के बीच हो गई है, जबकि पहले यह 8.30% से 8.60% के बीच थी।


HDFC Bank के नए MCLR रेट

अवधि नया MCLR
ओवरनाइट 8.25%
1 महीना 8.25%
3 महीना 8.30%
6 महीना 8.40%
1 साल 8.40%
2 साल 8.50%
3 साल 8.55%

MCLR क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?

MCLR यानी Marginal Cost of Funds based Lending Rate वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिससे कम पर बैंक किसी को लोन नहीं दे सकता। इसे RBI ने 2016 में लागू किया था, ताकि ब्याज दरों में पारदर्शिता आए और ग्राहकों को नीति दरों में बदलाव का फायदा जल्दी मिल सके।

अगर आपका लोन MCLR से जुड़ा है, तो MCLR में बदलाव का असर सीधे आपके ब्याज और EMI पर पड़ता है।


क्या आपकी होम लोन EMI कम होगी?

यह इस बात पर निर्भर करता है कि:

  • आपका लोन MCLR, RLLR या RBLR से जुड़ा है

  • आपकी इंटरेस्ट रीसेट डेट कब है

अगर आपका होम लोन ओवरनाइट, 1 महीने या 3 महीने के MCLR से जुड़ा है, तो EMI में कमी आने की संभावना ज्यादा है। लेकिन अगर आपका लोन 1 साल के MCLR से लिंक है (जो आमतौर पर होम लोन में होता है), तो फिलहाल असर सीमित रह सकता है क्योंकि इसमें कोई कटौती नहीं हुई है।


कितनी बचत हो सकती है?

0.05% की कटौती छोटी लग सकती है, लेकिन लंबे समय में इसका असर दिखता है। उदाहरण के लिए:

अगर आपने ₹50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लिया है, तो:

  • आपकी EMI कुछ सौ रुपये कम हो सकती है

  • कुल ब्याज भुगतान में भी कमी आएगी

भले ही यह बहुत बड़ी राहत न हो, लेकिन हर छोटी कटौती मायने रखती है।


अब बैंक रेट क्यों घटा रहे हैं?

RBI द्वारा रेपो रेट घटाने के बाद:

  • बैंकों की फंडिंग सस्ती हुई है

  • लिक्विडिटी बेहतर हुई है

  • क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ावा देने का माहौल बना है

इसी वजह से HDFC Bank ने RBI कट के बाद दूसरी बार MCLR घटाया है


किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?

  • जिनका होम लोन MCLR से जुड़ा है

  • जिनके पर्सनल लोन या ऑटो लोन शॉर्ट टर्म MCLR पर हैं

  • जिनकी रीसेट डेट नजदीक है

RLLR या RBLR से जुड़े ग्राहकों को पहले ही फायदा मिल चुका होगा।


ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?

अपने लोन के बारे में ये जरूर चेक करें:

  • लोन एग्रीमेंट

  • बैंक स्टेटमेंट

  • या बैंक ब्रांच से संपर्क करें

इससे आपको साफ पता चल जाएगा कि आपका लोन किस रेट से जुड़ा है और आपको कितना फायदा मिलेगा।

HDFC Bank द्वारा MCLR घटाना एक सकारात्मक संकेत है और इससे यह साफ होता है कि बैंक RBI की दर कटौती का फायदा धीरे-धीरे ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि कटौती छोटी है, लेकिन यह आने वाले समय में और बड़ी राहत की उम्मीद जरूर जगाती है।

होम लोन लेने वालों के लिए यह खबर राहत देने वाली है और अगर आगे भी RBI दरें घटाता है, तो EMI में और कमी देखने को मिल सकती है।



 


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