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डिजिटल इंडिया के इस दौर में PAN कार्ड अब सिर्फ इनकम टैक्स से जुड़ा दस्तावेज नहीं रह गया है, बल्कि यह आपकी वित्तीय पहचान बन चुका है। बैंक अकाउंट, आधार, निवेश, लोन और क्रेडिट स्कोर – सब कुछ PAN से जुड़ा होता है। लेकिन इसी वजह से साइबर ठग PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल कर लोगों के नाम पर फर्जी लोन निकाल रहे हैं।
हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को तब पता चला जब बैंक से रिकवरी कॉल आने लगे या उनका क्रेडिट स्कोर अचानक गिर गया। सबसे हैरानी की बात यह होती है कि पीड़ित ने कभी लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया होता।
PAN कार्ड का दुरुपयोग कैसे होता है?
ठग अलग-अलग तरीकों से आपका PAN नंबर या उसकी कॉपी हासिल कर लेते हैं, जैसे:
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फर्जी वेबसाइट, नकली ऐप या फिशिंग लिंक के जरिए
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डेटा लीक या सोशल मीडिया से
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कूड़े में फेंकी गई PAN की फोटोकॉपी से
इसके बाद वे:
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ऑनलाइन लोन ऐप या NBFC प्लेटफॉर्म पर फर्जी लोन आवेदन करते हैं
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नकली दस्तावेज अपलोड कर लोन अप्रूव करवा लेते हैं
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पैसे निकालकर गायब हो जाते हैं
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और रिकवरी नोटिस आपके नाम पर आने लगते हैं
इससे आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है और आप बिना गलती के डिफॉल्टर बन सकते हैं।
यह इतना खतरनाक क्यों है?
क्रेडिट स्कोर आपकी वित्तीय साख का आईना होता है। एक बार स्कोर गिर गया तो:
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भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है
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क्रेडिट कार्ड रिजेक्ट हो सकता है
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कुछ नौकरियों में भी दिक्कत आ सकती है
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कानूनी नोटिस तक मिल सकते हैं
इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
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बिना आवेदन के लोन अप्रूवल का SMS या ईमेल
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रिकवरी एजेंट का कॉल आना
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अचानक क्रेडिट स्कोर गिर जाना
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CIBIL रिपोर्ट में अनजान लोन एंट्री दिखना
अगर ऐसा कुछ दिखे तो तुरंत एक्शन लें।
PAN कार्ड फ्रॉड से बचने के असरदार उपाय
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PAN सोच-समझकर शेयर करें
केवल भरोसेमंद बैंक, ऑफिस और सरकारी पोर्टल को ही दें।
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क्रेडिट रिपोर्ट नियमित चेक करें
हर 3–6 महीने में CIBIL, Experian या अन्य ब्यूरो से रिपोर्ट जरूर देखें।
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SMS और ईमेल अलर्ट पर ध्यान दें
किसी भी अनजान ट्रांजैक्शन या लोन अलर्ट को इग्नोर न करें।
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PAN लॉक करें
इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर PAN Lock/Unlock सुविधा का इस्तेमाल करें। इससे कोई आपके PAN का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
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तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
लोन कंपनी, पुलिस और क्रेडिट ब्यूरो – तीनों जगह शिकायत करें ताकि रिकॉर्ड सुधर सके।
रीयल लाइफ केस
रीना नाम की एक कर्मचारी को अचानक पता चला कि उसके नाम पर ₹2 लाख का लोन चल रहा है। उसने कभी लोन लिया ही नहीं था। जांच में सामने आया कि किसी ने उसकी PAN कॉपी का गलत इस्तेमाल किया था। रीना ने तुरंत:
कुछ ही हफ्तों में उसका नाम क्लियर हो गया और क्रेडिट रिकॉर्ड सही कर दिया गया।
PAN कार्ड आज आपकी पहचान से भी ज्यादा अहम दस्तावेज बन चुका है। इसकी सुरक्षा में लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर आप सतर्क रहें, समय-समय पर रिपोर्ट चेक करें और डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाएं, तो फर्जी लोन जैसे फ्रॉड से आसानी से बच सकते हैं।
याद रखें – PAN आपकी वित्तीय पहचान है, इसकी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है।