PMAY-U 2.0 पूरी जानकारी: कौन कर सकता है आवेदन, इनकम लिमिट, फायदे और पात्रता की पूरी डिटेल

epaper | Thursday, 08 Jan 2026 07:40:03 AM
PMAY-U 2.0 Explained: Who Can Apply, Income Limits, Benefits and Complete Scheme Details

शहरों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जो लोग अब तक पक्का घर नहीं बना पाए हैं, उनके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) शुरू की है। यह योजना 2024 से 2029 तक पांच साल के लिए लागू रहेगी और इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में “सबके लिए आवास” सुनिश्चित करना है।

इस योजना के तहत सरकार लोगों को घर बनाने, खरीदने या किराये पर रहने के लिए आर्थिक सहायता देती है। अगर आपके या आपके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है, तो आप इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।

PMAY-U 2.0 के लिए कौन पात्र है?

यह योजना उन शहरी परिवारों के लिए है जिनके पास भारत में कहीं भी खुद का पक्का घर नहीं है। इसका लाभ मुख्य रूप से इन तीन वर्गों को दिया जाएगा:

  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)

  • निम्न आय वर्ग (LIG)

  • मध्यम आय वर्ग (MIG)

लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार नया घर बना सकते हैं, रेडी-टू-मूव घर खरीद सकते हैं या रेंटल हाउसिंग का विकल्प चुन सकते हैं।

इनकम लिमिट क्या है?

सरकार ने पात्रता तय करने के लिए आय सीमा निर्धारित की है:

  • EWS: सालाना आय ₹3 लाख तक

  • LIG: सालाना आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक

  • MIG: सालाना आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक

आवेदन करते समय सही इनकम प्रूफ देना जरूरी होगा।

योजना के मुख्य फायदे क्या हैं?

PMAY-U 2.0 के तहत सरकार कई तरह की मदद देती है:

  • घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता

  • सस्ते घर खरीदने के लिए सब्सिडी

  • प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए रेंटल हाउसिंग

  • प्राइवेट बिल्डरों के साथ मिलकर Affordable Housing in Partnership (AHP) प्रोजेक्ट्स

इसका मकसद है कि कम आय वाले परिवारों पर घर का बोझ कम हो।

जियो-टैगिंग क्या है और क्यों जरूरी है?

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जियो-टैगिंग अनिवार्य की गई है। इसके तहत:

  • निर्माण से जुड़ी फोटो और वीडियो अपलोड की जाती हैं

  • लोकेशन ट्रैक की जाती है

  • काम की प्रगति को रियल टाइम में देखा जा सकता है

AHP प्रोजेक्ट्स में जियो-टैगिंग 5 चरणों में होती है:

  1. लेआउट

  2. फाउंडेशन

  3. सुपर स्ट्रक्चर

  4. फिनिशिंग

  5. इंफ्रास्ट्रक्चर

प्रोजेक्ट की सारी जानकारी BHARAT ऐप पर दर्ज की जाती है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में यह सिस्टम पहले से सफल रहा है।

कौन आवेदन नहीं कर सकता?

निम्न लोग इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे:

  • जिन लोगों ने पिछले 20 सालों में केंद्र, राज्य या स्थानीय निकाय की किसी भी हाउसिंग स्कीम का लाभ लिया हो

  • जिनके नाम पर पहले से पक्का घर हो

सरकार चाहती है कि यह मदद सिर्फ पहली बार घर खरीदने वालों तक पहुंचे।

योजना कौन चलाता है?

PMAY-U 2.0 को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) लागू कर रहा है। राज्य सरकारें और नगर निकाय इसके क्रियान्वयन में सहयोग करते हैं।

PMAY-U 2.0 क्यों है खास?

शहरों में घर खरीदना दिन-ब-दिन महंगा होता जा रहा है। ऐसे में PMAY-U 2.0 उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो सालों से अपने घर का सपना देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना शहरी परिवारों को न सिर्फ छत देगी, बल्कि सम्मान और स्थिरता भी देगी। अगर आप पात्र हैं, तो इनकम लिमिट और शर्तें ध्यान से जांचें और समय रहते आवेदन करें।

घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होता, वह सुरक्षा और भविष्य की नींव होता है। PMAY-U 2.0 उसी सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।



 


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