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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सीएम कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में नई नीतियों के अनुमोदन और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने मंत्रिमण्डल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी प्रेसवार्ता में दी है।
उन्होंने बताया कि बजट वर्ष 2025-26 की घोषणा की अनुपालना में अनुमोदित राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 प्रदेश में सड़क पर चलने में अयोग्य एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाकर उनके वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निपटान करने के उद्देश्य से लाई जा रही है। इस नीति के अंतर्गत राज्य में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटीज (आरवीएसएफ) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। जिनके माध्यम से वाहनों की स्क्रैपिंग पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और ट्रेस योग्य होगी। सभी स्क्रैपिंग प्रक्रियाएं वाहन पोर्टल से एकीकृत होंगी, जिससे स्क्रैप योग्य वाहनों के अनधिकृत उपयोग की संभावना समाप्त होगी।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जानकारी दी कि 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस/पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त, क्षतिग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन, अनुपयोगी वाहन या स्वेच्छा से आरवीएसएफ को दिए गए वाहन इस नीति के अंतर्गत स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (सीवीएस) जारी किए जाएंगे। साथ ही, वाहन पोर्टल पर भी डिजिटल रूप में अपलोड किए जाएंगे। सीओडी के आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 1 लाख रुपए) की छूट का लाभ भी मिल सकेगा।
सेफ कस्टडी में रखे जाएंगे चैसिस नम्बर
उन्होंने बताया कि रजिस्टर्ड स्क्रैपर स्क्रैप किए गए वाहन के चैसिस नम्बर के कट पीस को सीवीएस जारी होने की तारीख से 6 माह तक सेफ कस्टडी में रखेंगे। इसके बाद वे इसे अपने क्षेत्र के जिला परिवहन अधिकारी को जमा करेंगे, जहां इसे 18 माह तक सेफ कस्टडी में रखा जाएगा।
PC: dipr.rajasthan
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