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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे किसी न किसी कारण से चर्चा में बनी रहती हैं। अब उन्होंने एक मामले में अधिकारियों को फटकार लगाई है। उनहोंने कोटा में मृत गायों को खुले में फेंके जाने की शिकायतों को लेकर नाराजगी जताते हुए बड़ी बात कही है। खबरों के अनुसार, कोटा में मृत गायें खुले में फेंकने से नाराज गौरक्षक धरना दे रहे थे। सुबह झालावाड़ से ब्यावर जाते समय पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का काफिला भी रुका। यहां पर राजे ने गौरक्षकों से बातकर उनकी मांग सुनी। गौरक्षकों की शिकायत सुनने के बाद पूर्व सीएम राजे ने बोल दिया कि मैं सनातनी हूं और गौमाता के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कोटा रेंज के डीआईजी और एसपी को मौके बुलाकर दिए ये निर्देश
गौरक्षकों ने राजे को जानकारी दी कि कोटा में मृत गायों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा है और मृत गायों की आड़ में जिंदा गायों का मार कर उनका गौमांस बेचा जा रहा है। ये बात सुनकर पूर्व सीएम ने कोटा रेंज के डीआईजी और एसपी को मौके पर बुलाकर इस मामले की गहनता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए।
जनता चुस्त है और अफसर सुस्त हैं
खबरों के अनुसार, इस दौरान राजे ने ये भी बोल दिया कि गौरक्षक प्रदर्शन कर रहें है और अधिकारी सुन नहीं रहे। जनता चुस्त है और अफसर सुस्त हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अफसरों के रवैए पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 14 दिसंबर से लोग आवाज उठा रहें है, लेकिन अफ़सर है कि उनकी सुन ही नहीं रहे।
PC: aajtak
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