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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि जवाबदेही से भागने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग के साथ पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी एवं लाखों छात्रों के संघर्ष की आज जीत हुई है।
भारी दबाव के आगे पीएम मोदी को झुकना पड़ा है और अंततः शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा है। पीएम मोदी ने उनका काफी समय तक बचाव किया लेकिन उन्हें बचा नहीं पाए। आज ही मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने फिर दोहराया था कि प्रधान को बर्खास्त किया जाना चाहिए। यह इस लोकतंत्र की ताकत है कि तानाशाही करने वाली सरकार को देश की मांग के आगे झुकना पड़ा।
यह इतिहास में दर्ज हो गया कि कैसे छात्रों पर पैलेट गन चलाने जैसी बर्बरता हुई और छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कैसे घसीटा गया। आज लोकतंत्र की जीत हुई और तानाशाही की हार हुई है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस अंधी-बहरी सरकार को जनता माफ नहीं करेगी और हमारा यह संघर्ष छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
PC: livehindustan
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