Kathak Ras Varsha 2026: जवाहर कला केंद्र में कथक की मनमोहक प्रस्तुति, गुरु नमिता जैन के नृत्य ने जीता दिल

epaper | Sunday, 26 Jul 2026 10:33:33 AM
Kathak Ras Varsha 2026: Mesmerizing Kathak performance at Jawahar Kala Kendra; Guru Namita Jain's dance won hearts.

जयपुर: भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को समर्पित सांस्कृतिक संध्या "कथक रस वर्षा 2026" का भव्य आयोजन 25 जुलाई 2026 को जयपुर के जवाहर कला केंद्र स्थित रंगायन ऑडिटोरियम में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री लक्ष्मीनारायण नृत्याश्रम के तत्वावधान में श्री गिरधारी महाराज कथक सेंटर द्वारा किया गया। इस अवसर पर लगभग 100 कलाकारों ने मंच पर अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध रंगतों से परिचित कराया।

कार्यक्रम का संचालन जयपुर घराने की प्रसिद्ध कथक गुरु एवं श्री गिरधारी महाराज कथक सेंटर की निदेशक गुरु नमिता जैन के निर्देशन में हुआ। उनके मार्गदर्शन में तैयार की गई प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की गहराई और सौंदर्य का भी प्रभावशाली परिचय दिया।

गणेश वंदना से हुआ शुभारंभ

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद कलाकारों ने गोविंद वंदना, मेघ मल्हार, नमामि, झपताल सहित कई आकर्षक कथक रचनाओं की प्रस्तुति दी। प्रत्येक प्रस्तुति में भाव, लय, ताल और अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट संतुलन देखने को मिला, जिससे सभागार में मौजूद दर्शक पूरे समय मंत्रमुग्ध रहे।

कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी रही कि कथक नृत्य के साथ हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। गायन, तबला, पखावज और सितार की मधुर संगत ने प्रत्येक प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।

गुरु नमिता जैन की शिव समर्पित प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र

पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार क्षण तब आया, जब गुरु नमिता जैन ने भगवान शिव को समर्पित "शंकर त्रिपुरारी" की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी सशक्त अभिव्यक्ति, सटीक तालमेल, प्रभावशाली पद संचालन और कथक की पारंपरिक शैली में प्रस्तुत भावों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।

उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार में मौजूद दर्शकों ने लंबे समय तक तालियों की गूंज के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। यह प्रस्तुति कार्यक्रम की सबसे चर्चित और सराही गई प्रस्तुतियों में शामिल रही।

युवा कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा

श्री गिरधारी महाराज कथक सेंटर के विद्यार्थियों ने भी अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। नव पल्लव, नव बहार और नृत्य मल्हार जैसी प्रस्तुतियों ने युवा कलाकारों की मेहनत, अनुशासन और कथक के प्रति समर्पण को दर्शाया।

संस्थान के छात्र-छात्राएं लगातार देश और विदेश में भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि नई पीढ़ी भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

संगीतकारों ने बढ़ाई प्रस्तुतियों की गरिमा

इस सांस्कृतिक आयोजन को अनुभवी संगीतकारों की उत्कृष्ट संगत ने विशेष ऊंचाई प्रदान की। हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में पंडित रमेश मेवाल, तबले पर आदित्य सिंह, पखावज पर युवराज सिंह तथा सितार पर किशन कथक ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से कार्यक्रम को और अधिक यादगार बना दिया। कलाकारों के बीच तालमेल और संगीत की उत्कृष्ट प्रस्तुति ने कथक नृत्य को नई ऊर्जा प्रदान की।

सफल आयोजन पर जताया आभार

कार्यक्रम के समापन पर संस्था के सचिव श्री कौशल कांत ने सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों, दर्शकों और कलाकारों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। भविष्य में भी संस्था इसी प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से कथक और भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार का कार्य निरंतर करती रहेगी।

कथक रस वर्षा 2026 केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और परंपरा के संरक्षण तथा संवर्धन का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। गुरु नमिता जैन के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य आयोजन ने दर्शकों को कला, संस्कृति और आध्यात्मिक भावों से ओत-प्रोत एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।



 


ताज़ा खबर

Copyright @ 2026 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.