- SHARE
-
जयपुर। राजस्थान में अब अनुकंपा नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालय के इस फैसले से अनुकंपा नियुक्ति को लेकर बहू और बेटी के बीच का कानूनी फर्क समाप्त हो गया है।
उच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक आदेश में स्पष्ट कर दिया कि ससुर की मौत के बाद उनकी बहू भी अनुकंपा नियुक्ति की उतनी ही हकदार है, जितनी एक बेटी होती है। खबरों के अनुसार, जस्टिस रवि चिरानियां की एकल पीठ ने आज सुंदरी देवी की याचिका पर ये बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग की सुस्ती और आपत्तियों पर सख्त नाराजगी जताते हुए बोल दिया कि बहू को नौकरी से रोकना कानून की मूल भावना के खिलाफ है।
अपने फैसले के दौरान कोर्ट ने ये भी याद दिला दिया कि साल 2023 में ही डिवीजन बेंच यह तय कर चुकी है कि बहू को बेटी के समान ही माना जाए। कोर्ट ने कहा कि जब कानूनी रूप से बहू अनुकंपा नियुक्ति के लिए पूरी तरह योग्य है, तो विभाग का तकनीकी अड़ंगे लगाना समझ से परे है।
PC: aajtak
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें