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जयपुर। युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अब पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के 2 साल की तुलना की है। राज्यवर्धन राठौड़ ने गुरूवार को विधान सभा में युवा मामले एवं खेल विभाग की अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब दिया है। चर्चा के बाद सदन ने युवा मामले एवं खेल विभाग की 2 अरब 29 करोड़ 85 लाख 28 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।
इस दौरान राज्यवर्धन राठौड़ ने पूर्ववर्ती सरकार के 5 साल के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के 2 साल की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के रूप में 72 करोड़ रूपए की सहायता दी गई। वहीं, हमारी सरकार ने दो साल में ही 40 करोड़ रूपए की सहायता देकर प्रोत्साहित किया है। इसे हमारी सरकार 100 करोड़ रूपए तक ले जाएगी।
कर्नल राठौड़ ने बताया कि आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां देने में हमारी सरकार तेजी से आगे बढ़ी है। पूर्ववर्ती सरकार ने पूरे 5 साल में 248 खिलाड़ियों को ही नियुक्तियां दी, जबकि हमनें दो साल में ही 186 खिलाड़ियों को नियुक्तियां दे चुके हैं। जून, 2026 तक यह संख्या 300 पार हो जाएगी। वर्तमान सरकार में खेल उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता से खिलाड़ी बेहतर और नियमित अभ्यास कर पा रहे हैं। गत सरकार ने 5 साल में सिर्फ 6.50 करोड़ रूपए के ही खेल उपकरण खरीदे थे जबकि वर्तमान सरकार के दो साल में ही लगभग 19 करोड़ रूपए की लागत से उपकरण खरीदे जा चुके हैं।
पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल में एक बार भी पुरस्कार नहीं दिए
युवा मामले एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को शीघ्र ही महाराणा प्रताप और गुरू वशिष्ठ पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने कार्यकाल में एक बार भी ये पुरस्कार नहीं दिए थे। साथ ही, उनके पूरे कार्यकाल में एक भी राष्ट्रीय स्तर का आयोजन नहीं हुआ जबकि वर्तमान सरकार ने केन्द्र सरकार के मापदंडों के अनुसार 100 करोड़ रूपए व्यय कर व्यवस्थापक के रूप में ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025‘ का भव्य आयोजन कराया है।
PC: zeenews.india