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इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस ने एक बार फिर से रूस से तेल खरीद को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से आज बड़ी बात कही है।
कांग्रेस ने एक्स के माध्यम से कहा कि मोदी सरकार ने देश की energy security का अमेरिका के सामने जो समर्पण किया उसकी कीमत पूरा देश पेट्रोल, डीजल, गैस की भारी किल्लत से चुका रहा है। पहले मोदी सरकार ने अमेरिका के कहने पर रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद किया। फिर युद्ध के बीच में अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘छूट’ दी, जो 16 मई को खत्म हो रही है।
कांग्रेस ने कहा कि अब एक बार फिर मोदी सरकार बजाय ख़ुद देशहित में निर्णय लेने के, ट्रंप के आगे गिड़गिड़ा रही है, रूस से तेल खरीदने की इजाजत मांग रही है। जो निर्णय हमारा होना चाहिए था, उसकी इजाजत एक तीसरे देश से मांगी जा रही है- इससे ज़्यादा देश की संप्रभुता और स्वाधीनता का क्या मखौल होगा।
एपस्टीन फाइल और अडानी की वजह से मोदी भारत के मान-सम्मान का सौदा कर रहे हैं। हम किस देश से तेल लेंगे, ये तय करने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत का फैसला भारत लेगा, 'हम भारत के लोग' लेंगे, ना कि व्हाइट हाउस में बैठा कोई अमेरिकी। एक compromised प्रधानमंत्री का खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।
अमेरिका में अडानी पर चल रहा फ्रॉड का केस बंद हो जाएगा
कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट के माध्यम से कहा कि अमेरिका में अडानी पर चल रहा फ्रॉड का केस बंद हो जाएगा। अब साफ है कि मोदी ने अमेरिका के साथ एकतरफा डील इसलिए की ताकि अडानी को राहत मिल सके। यही वजह है कि मोदी अमेरिका के आगे खुलकर बोल नहीं पाते हैं. ट्रंप जितना कहते हैं, मोदी उतना ही करते हैं। मोदी पूरी तरह से compromised हैं।
PC: tehelka
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