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जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि जीपीएस स्पूफिंग और सिग्नल हस्तक्षेप जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उन्नत तकनीक, बेहतर निगरानी प्रणाली और सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने की जरूरत है।
इस संबंध में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने गुरुवार को एक्स के माध्यम से कहा कि लोक सभा में देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर जीपीएस सिग्नलों में हस्तक्षेप (GPS Interference) की घटनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न सूचीबद्ध था, मैंने प्रश्न के माध्यम से सरकार से पिछले दो वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) सिग्नलों में छेड़छाड़ या हस्तक्षेप के कारण दिल्ली सहित देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन पर पड़े असर व प्रभावित उड़ानों की संख्या और इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी।
बेनीवाल ने बताया कि केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री ने जवाब मे यह स्वीकार किया कि एयरलाइनों द्वारा नवंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच जीपीएस हस्तक्षेप की 2354 घटनाएं तथा जनवरी 2026 से फरवरी 2026 के बीच 623 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली के हवाई क्षेत्र के आसपास इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस संबंध में आगे कहा कि मैं सरकार को कहना चाहता हूं कि इतनी बड़ी संख्या में सामने आई घटनाएं यह संकेत देती हैं कि विमानन क्षेत्र में तकनीकी सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। देश में हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने चाहिए।
PC: thehawk
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