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इंटरनेट डेस्क। टोंक जिले के देवली -उनियारा विधानसभा के उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में एसडीएम थप्पड़ कांड से चर्चा में आए निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा एक बार फिर से एक्टिव मोड में आ गए हैं। उन्होंने अब एक बड़ा ऐलान कर प्रदेश की भजनलाल सरकार को नई टेंशन दे दी है। अब नरेश मीणा ने पिपलोदी स्कूल भवन ढहने की घटना में मारे गए सात बच्चों को न्याय दिलाने के लिए आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है।
खबरों के अनुसार, इस संबंध में नरेश मीणा ने कहा कि जब तक पिपलोदी झालावाड़ के बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा। मैं अन्न का एक दाना भी अपने पेट में नहीं जाने दूंगा। वहीं उन्होंने ये भी बोल दिया कि जब तक यह धरना चलेगा, मैं मौन धारण रखूंगा। नरेश मीणा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्कूल निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण यह त्रासदी हुई है, लेकिन दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। नरेश मीणा ने जब तक पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और स्कूलों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित नहीं की जाएगी तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
हनुमान बेनीवाल और सचिन पायलट से मांगा समर्थन
खबरों के अनुसार, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके नरेश मीणा ने इस संबंध में नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल और पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को भी फोन किया है। उन्होंने प्रदेश के इन दोनों नेताओं से पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की लड़ाई में शामिल होने की मांग की।
PC: rajasthan.ndtv
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