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इंटरनेट डेस्क। राम मंदिर में दान चोरी के मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं और उनको रिमांड पर सौंपा गया है। अब फैजाबाद बार एसोसिएशन, अयोध्या ने सोमवार को यह तय किया कि उसका कोई भी सदस्य राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। साथ ही चेतावनी दी कि जो वकील इस फैसले का उल्लंघन करेगा, उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
दिया ये अल्टीमेटम
मीडिया रिपोटर्स की माने तो एक एजेंसी के मुताबिक बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने मांग की कि मंदिर के मैनेजमेंट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। वकीलों ने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों तीन दिन के अंदर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर को ब्लॉक कर दिया जाएगा और किसी को भी अंदर आने नहीं दिया जाएगा। बार ने 2005 में भी ऐसा ही फैसला लिया था, जब तत्कालीन अस्थायी राम मंदिर पर आतंकवादी हमले के बाद वकीलों ने आरोपियों का बचाव न करने का निर्णय लिया था। यह फैसला एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में लिया गया।
लिया ये निर्णय
मीडिया रिपोटर्स की माने तो बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी से हम सभी की भावनाएं आहत हुई हैं। फैजाबाद के वकील गिरफ्तार आरोपियों की ओर से केस न लड़ने पर सहमत हुए हैं। बार एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार आरोपियों की ओर से पेश होने वाले किसी भी वकील को 5 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।
pc- kailash-yatra.org