- SHARE
-
इंटरनेट डेस्क। कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकारें जल्द ही एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानून लागू करने वाली है। इस संबंध में आज लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात की है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि आज रोहित वेमुला को गए 10 साल हो गए, लेकिन रोहित का सवाल आज भी हमारे सीने में धड़क रहा है।
रोहित पढ़ना चाहता था, लिखना चाहता था। विज्ञान, समाज और इंसानियत को समझकर इस मुल्क को बेहतर बनाना चाहता था, लेकिन इस व्यवस्था को एक दलित का आगे बढ़ना मंजूर नहीं था। संस्थागत जातिवाद, सामाजिक बहिष्कार, रोज-रोज की बेइज़्ज़ती, “औक़ात” दिखाने वाली भाषा और अमानवीय व्यवहार - यही वह जहर था जिसने एक होनहार युवा को उस मुकाम तक धकेल दिया जहाँ उसकी गरिमा छीन ली गई और उसे अकेला कर दिया गया। रोहित वेमुला एक्ट कोई नारा नहीं, एक जरूरत है। ताकि शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव अपराध बने, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो और किसी भी छात्र को उसकी जाति के नाम पर तोड़ने, चुप कराने और बाहर करने की छूट खत्म हो। यह लड़ाई सिर्फ संसद की नहीं है।
यह लड़ाई कैंपस की है, युवाओं की है, हमारी है। दलित युवाओं - आवाज उठाओ, संगठन बनाओ, एक-दूसरे के साथ खड़े रहो। मांग करो: रोहित वेमुला एक्ट अभी लागू करो। एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानून अभी चाहिए। कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकारें इस कानून को जल्द से जल्द लागू करने की प्रक्रिया में हैं। हम एक ऐसा भारत चाहते हैं जो न्यायपूर्ण, मानवीय और समान हो - जहाँ किसी दलित छात्र को अपने सपनों की कीमत अपनी जान से न चुकानी पड़े। रोहित, तुम्हारी लड़ाई हमारी जिम्मेदारी है।
PC: hindi.news18
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें