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जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा तय करने वाले अपने ही आदेश पर रोक लगाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। डोटासरा ने इस न्याय की जीत, जनता की जीत बताया है।
डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट के 2 फैसलों ने देश की जनता को बड़ी राहत दी है, और न्यायपालिका के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इन निर्णयों से स्पष्ट संदेश दिया है कि अरावली, पर्यावरण और पीड़ितों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा बदलने को लेकर पुराने फ़ैसले पर रोक लगाकर यह साबित कर दिया कि कोर्ट ने इस मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। साथ ही, पूर्व में की गई टिप्पणी पर भी रोक लगाकर न्यायालय ने निष्पक्षता और संतुलन का परिचय दिया है। यह फैसला जनता की आवाज़ का सम्मान है, अरावली की पुकार को सुनने का प्रमाण है और खनन माफियाओं के मंसूबों पर करारा प्रहार है। अरावली को बचाने के लिए आगे आने वाले संघर्ष और आंदोलन करने वाले प्रदेश के हर कांग्रेस कार्यकर्ता का दिल से धन्यवाद।
डोटासरा ने इस संबंध में आगे कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जनवरी में आने वाला अंतिम निर्णय भी जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में ही होगा। नहीं तो बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर जी से हमें संविधान में संघर्ष और आंदोलन का अधिकार मिला है। जन भावना के साथ खड़े रहेंगे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में जनता की हर लड़ाई लड़ेंगे।
सत्ता कानून और न्याय से ऊपर नहीं हो सकती
साथ ही उन्नाव मामले में पूर्व भाजपा विधायक को दी गई जमानत को रद्द करने का फैसला केवल पीड़िता के साथ न्याय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश को भरोसा दिलाने वाला संदेश है कि सत्ता कानून और न्याय से ऊपर नहीं हो सकती। यह निर्णय महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति न्यायपालिका की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PC: bhaskar
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