किराया बढ़ा सकती हैं विमान सेवा कंपनियाँ

Samachar Jagat | Monday, 10 Sep 2018 04:39:18 PM
Air Services companies can increase fares

नई दिल्ली। विमान ईंधन की बढती कीमत के मद्देनजर विमान सेवा कंपनियों की बैलेंसशीट पर भारी दवाब है जिसके कारण देश में हवाई यात्रा महँगी हो सकती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी तथा डॉलर की तुलना में रुपये में जारी भारी गिरावट के कारण पिछले एक साल में विमान ईंधन की कीमत 40 प्रतिशत तक बढ चुकी है। दिल्ली हवाई अड्डे पर घरेलू एयरलाइंसों के लिए इसकी कीमत सितम्बर 2017 में 50,020 रुपए प्रति किलोलीटर थी जो अब बढकर 69,461 रुपए प्रति किलोलीटर पर पहुँच चुकी है।

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इस प्रकार इसमें 38.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विमान ईंधन के दाम बढने से शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन विमान सेवा कंपनियों में से स्पाइसजेट और जेट एयरवेज को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नुकसान उठाना पड़ा है जबकि देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी इंडिगो का मुनाफा 96.57 प्रतिशत घटकर 27.79 करोड़ रुपए रह गया। स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने आज यहाँ एक कार्यक्रम से इतर किराए में बढ़ोतरी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा हम लागत कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

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इसी महीने से हमारे बेड़े में बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल होने शुरू हो जाएंगे जो ईंधन के मामले में 15 प्रतिशत लागत कम करते हैं। इनके रखरखाव का खर्च भी कम है। इसके अलावा विमान सेवा कंपनियों ने सरकार से करों तथा शुक्लों में कटौती का भी अनुरोध किया है। यदि जरूरत पड़ी तो हम बढती लागत का कुछ बोझ किराया बढ़ोतरी के रूप में यात्रियों पर भी डाल सकते हैं।- एजेंसी 

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