घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पिता बच्चे से मिलने का अधिकार मांग सकता है: अदालत

Samachar Jagat | Tuesday, 06 Nov 2018 05:02:20 PM
Under Domestic Violence Act, father can demand right to meet the child: the court

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मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि घरेलू हिंसा अधिनियम के मामले में अगर बच्चा मां के संरक्षण में है तो पिता बच्चे से मिलने का अधिकार मांग सकता है। न्यायमूर्ति प्रकाश नाइक ने बीते शुक्रवार को एक महिला द्बारा दायर याचिका को खारिज कर दिया जिसमें सत्र कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत उससे अलग रह रहे पति को बच्चे से मिलने का अधिकार दिया गया था।


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महिला ने अपनी याचिका में दावा किया था कि सत्र कोर्ट ने आदेश पारित करने में चूक की क्योंकि घरेलू हिसा से महिला के संरक्षण अधिनियम की धारा 21 के तहत सिर्फ एक वंचित महिला ही बच्चे के संरक्षण या उससे मिलने का अधिकार मांग सकती है।

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याचिका में यह भी दावा किया गया कि एक व्यक्ति हिदू विवाह अधिनियम की धारा 26 के तहत ही बच्चे के संरक्षण की मांग कर सकता है। महिला के पति ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह इस चरण में बच्चे के स्थायी संरक्षण की मांग नहीं कर रहा बल्कि सिर्फ उससे मिलने-जुलने का अधिकार मांग रहा है।

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न्यायमूर्ति प्रकाश नाइक ने अपने आदेश में कहा कि अगर पत्नी द्बारा बढ़ाई गई व्याख्या को स्वीकार किया जाता है तो यह घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के उद्देश्य को ही नाकाम कर देगा। 

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