जन्मदिवस विशेष: कादर खान ने फिल्म इंडस्ट्री में बहुआयामी कलाकार के रूप में बनाई पहचान

Samachar Jagat | Sunday, 22 Oct 2017 10:08:40 AM
Kader Khan Birthday Special

मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत में कादर खान को एक ऐसे बहुआयामी कलाकार के तौर पर जाना जाता है जिन्होंने सहनायक, संवाद लेखक, खलनायक, हास्य अभिनेता और चरित्र अभिनेता के तौर पर दर्शको के बीच अपनी पहचान बनायी है। कादर खान के अभिनय की एक विशेषता यह है कि वह किसी भी तरह की भूमिका के लिये उपयुक्त हैं। फिल्म कुली एवं वर्दी में एक क्रूर खलनायक की भूमिका हो या फिर कर्ज चुकाना है, जैसी करनी वैसी भरनी, फिल्म में भावपूर्ण अभिनय या फिर बाप नंबरी बेटा दस नंबरी और प्यार का देवता जैसी फिल्मों में हास्य अभिनय, इन सभी चरित्रों में उनका कोई जवाब नहीं है।

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कादर खान का जन्म 22 अक्तूबर 1937 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। कादर खान ने अपनी स्नातकोत्तर की पढाई उस्मानिया विश्वविद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अरबी भाषा के प्रशिक्षण के लिये एक संस्थान की स्थापना करने का निर्णय लिया। कादर खान ने अपने करियर की शुरूआत बतौर प्रोफेसर मुंबई में एम.एस. सब्बों सिद्धिक कालेज आफ इंजनीयभरग से की।

इस दौरान कादर खान कॉलेज में आयोजित नाटकों में हिस्सा लेने लगे। एक बार कॉलेज में हो रहे वार्षिक समारोह में कादर खान को अभिनय करने का मौका मिला। इस समारोह में अभिनेता दिलीप कुमार ने कादर खान के अभिनय से काफी प्रभावित हुये और उन्हें अपनी फिल्म सगीना में काम करने का प्रस्ताव दिया।

वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म सगीना के बाद कादर खान फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। इस दौरान उनकी दिल दीवाना, बेनाम, उमर कैद, अनाड़ी और बैराग जैसी फिल्में प्रदर्शित हुयीं। लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कुछ खास फायदा नही पहुंचा। वर्ष 1977 में कादर खान की खून पसीना और परवरिश जैसी फिल्में प्रदर्शित हुयीं। इन फिल्मों के जरिये वह कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुये। फिल्म खून पसीना और परवरिश की सफलता के बाद कादर खान को कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये।

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इन फिल्मों में मुक्कदर का सिकंदर, मिस्टर नटवर लाल, सुहाग, अब्दुल्ला, दो और दो पांच, लूटमार, कुर्बानी, याराना, बुलंदी और नसीब जैसी बड़े बजट की फिल्में भी शामिल थी। इन फिल्मों की सफलता के बाद कादर खान ने सफलता की नयी बुलंदियो को छुआ और बतौर खलनायक फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गये।

वर्ष 1983 में प्रदर्शित फिल्म कुली कादर खान के करियर की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है। मनमोहन देसाई के बैनर तले बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी। इसके साथ ही कादर खान फिल्म इंडस्ट्री के चोटी के खलनायकों की फेहरिस्त में शामिल हो गये।

वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म बाप नंबरी बेटा दस नंबरी कादर खान के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में कादर खान और शक्ति कपूर ने बाप और बेटे की भूमिका निभाई जो ठग बनकर दूसरो को धोखा दिया करते है। फिल्म में कादर खान और शक्ति कपूर ने अपने कारनामों के जरिये दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये कादर खान फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित भी किये गये।

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नब्बे के दशक में कादर खान ने अपने अभिनय को एकरूपता से बचाने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में स्थापित करने के लिये अपनी भूमिकाओं में परिवर्तन भी किया। इस क्रम में वर्ष 1992 में प्रदर्शित फिल्म अंगार में उन्होंने अंडर वल्र्ड डॉन जहांगीर खान की भूमिका को रूपहले पर्दे पर साकार किया।

दशक के अंतिम वर्षो में बतौर खलनायक कादर खान की फिल्मों को अपेक्षित सफलता नही मिली। इसके बाद कादर खान ने हास्य अभिनेता के तौर पर भी काम करना शुरू कर दिया। इस क्रम में वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्म दुल्हे राजा में अभिनेता गोभवदा के साथ उनकी भूमिका दर्शको के बीच काफी पसंद की गयी।

कादर खान के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेता शक्ति कपूर के साथ काफी पसंद की गयी। इन दोनों अभिनेताओं ने अब तक लगभग 100 फिल्मों में एक साथ काम किया है।कादर खान ने कई फिल्मों में संवाद लेखक के तौर पर भी काम किया है। कादर खान ने अपने सिने करियर में लगभग 300 फिल्मों में अभिनय किया है।- एजेंसी 



 
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