Film review: कहानी पुरानी मगर 'Mom' का अंदाज नया....

Samachar Jagat | Friday, 07 Jul 2017 01:08:50 PM
mom movie review

डायरेक्टर - रवि उद्यावर

स्टारकास्ट- श्रीदेवी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अक्षय खन्ना, अभिमन्यु सिंह, अदनान सिद्दीकी, सजल अली

रेटिंग- 3 स्टार

'मातृ', 'नीरजा', 'अकीरा', 'बेगम जान', 'अनारली ऑफ आरा', पिछले एक साल में इतनी महिला केंद्रित कहानियां सिल्वर स्क्रीन पर लाई जा चुकी  हैं, कि अब ऐसा लगता है, भारतीय फिल्म निर्माताओं के साथ ही दर्शक भी महिलाओं की वीर कथाओं को देखने के लिए तैयार है और 'मॉम' निश्चित रूप से उनमें से एक है।

निर्देशक रवि उदयराव की पहली फिल्म, 'मॉम', आज की दुर्व्यवहारिक समाज में एक आंख खोलने वाली है, जहां महिलाओं को अब भी अपने आप को कैसे चलाना चाहिए, इस बारे में पूर्वाग्रह सोच नजर आती हैं। श्रीदेवी अभिनीत, यह फिल्म मुख्य रूप से सामूहिक बलात्कार के खतरनाक मुद्दे के आसपास घूमती है। ठीक से बात करे तो देश के  दिल्ली और उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं जो महिलाओं के प्रति दुर्व्वहार के लिए सबसे कुख्यात है।

दिल्ली का भोजन बेहद पसंद करती हैं श्रीदेवी

फिल्म की कहानी 

एक स्कूल शिक्षक देवकी (श्रीदेवी) दिल्ली में अपने पति आनंद और दो युवा बेटियों के साथ रहती हैं। बड़ी बेटी आर्या (सजल अली) आनंद की असली बेटी है और देवकी आर्या की सौतेली मां। देवकी ने आर्या की असली मां गुजरने के बाद उनका पालन पोषण किया था। देवकी आर्या को अपनी की तरह ही प्यार करती हैं, मगर आर्या अपनी सौतेली मां को बिल्कुल पसंद नहीं करती। आर्या अपने पापा और सौतेली बहन को बेहद प्यार करती हैं। देवकी की लाइफ में भी कुछ उतार चढाव हैं। देवकी आर्या की ही स्कूल में पढ़ाती हैं। आर्या देवकी को मां बोलने के बजाय मैम बोलना पसंद करती हैं। आर्या को बदमाश लड़का मोहित अक्सर फोन पर आपत्तिजनक मैसेज करता रहता हैं। देवकी मोहित की इस हरकत के लिए उसे पनिशमेंट देती हैं।

इस वाक्ये के कुछ दिनो बाद वेलेंटाइन डे की पार्टी में मोहित अपनी इन्सेल्ट का बदला लेने की सोचता हैं। वह पार्टी से आर्या को उठाता हैं, और अपने दोस्तों के संग उसका गैंगरेप करता हैं। आर्या का ये मामला कोर्ट में जाता हैं, जहां उसे और उसके साथियों को बरी कर दिया जाता हैं। लेकिन देवकी कोर्ट के इस फैसले से खुश नहीं हैं। अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने, मोहित और उसके दोस्तों को सजा देने के लिए डिटेक्टिव डीके (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) की मदद लेती हैं। इसी बीच कहानी में पुलिस अफसर मैथ्यू फ्रांसिस (अक्षय खन्ना) की एंट्री होती है। और बस कहानी यहीं से एक अलग मोड़ में चली जाती हैं। या यूं कहे मदर मोड में चली जाती हैं, जो अपनी बेटी के साथ हुए अन्याय के लिए दोषियों को उनकी इस गलती का सबक सिखाती हैं। क्या देवकी अपने इरादो में कामयाब होगी? क्या आर्या के रेपिस्टों को सजा मिलेगी? यहीं देखने के लिए दर्शको को करना होगा सिनेमाघरो का रुख।

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फिल्म के दमदार पहलू-

फिल्म निर्देशन में अपनी पारी की शुरुआत करने वाले रवि का इस फिल्म में निर्देशन बिल्कुल बेहतरीन हैं। वहीं श्रीदेवी ने काफी लंबे समय बाद कमबैक किया हैं, मॉम फिल्म में उन्होंने फिर एक बार अपने अभिनय का परचम लहराया हैं। देवकी के रुप में उनका किरदार फिल्म की जान साबित हो रहा हैं। बेहतरीन अभिनय के साथ उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर मॉम के किरदार को बखूबी पेश किया हैं। वहीं बात करे फिल्म में आर्या का रोल निभाने वाली पाकिस्तानी अभिनेत्री सजल अली की तो उनका अभिनय फिल्म में अच्छा हैं। वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी जासूस की भूमिका में शानदार नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर स्टारकास्ट का फिल्म में बेहतरीन प्रदर्शन रहा हैं। फिल्म की सिनेमटोग्राफी भी बेहतरीन हैं।

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कमजोर कड़िया

गैंगरेप, रेप जैसे मुद्दो पर भारतीय सिनेमा में कई फिल्में बनाई जा चुकी हैं। बात करें फिल्म की कहानी की तो इसमें कुछ भी नया नहीं हैं। फिल्म की कहानी पर ज्यादा वर्क किया जा सकता था। फिल्म का संगीत भी ज्यादा खास नहीं हैं, इसे केवल फिल्म में ही सुना जा सकता हैं। फिल्म के संगीत को और बेहतर बनाया जा सकता था।

source - google 



 

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