शास्त्रों के अनुसार मोहिनी एकादशी का व्रत करने से वर्षों तक तपस्या करने का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इस व्रत को जरुर करना चाहिए। इस व्रत से कई पीढ़ियों द्वारा किए गए पाप भी दूर हो जाते हैं। इस दिन ऐसे काम न करें जिससे आपके द्वारा किए गए पुण्य के काम पाप में बदल जाएं। इस दिन पूजा-पाठ करने से व्यक्ति की हर मनोकामना भी पूर्ण हो जाती है। पद्मपुराण के अनुसार इस एकादशी के बारें में श्री कृष्ण ने कहा है कि इस व्रत को करने से लोक और परलोक में सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। इस व्रत को करने से आपको 10 हजार सालों की तपस्या के बराबर फल मिलता है।
ड्राइंग रूम को वास्तुदोष से मुक्त रखने के उपाय
विधि-विधान से करें पूजन :-
इस एकादशी के दिन जो व्यक्ति व्रत रखता है। वह इस दिन प्रातः स्नान करके भगवान का स्मरण करते हुए विधि के साथ पूजा करे और आरती करके भगवान को भोग लगाए। इस दिन भगवान नारायण की पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही ब्राह्मणों तथा गरीबों को भोजन या फिर दान देना चाहिए। यह व्रत बहुत ही फलदायी होता है। इस व्रत को करने से समस्त कामों में आपको सफलता मिलती है।
मरने से पहले कर्ण ने श्रीकृष्ण से मांगे थे ये 3 वरदान
एकादशी व्रत पूजा विधि :-
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान का मनन करते हुए सबसे पहले व्रत का संकल्प करें। इसके बाद सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद पूजा स्थल में जाकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा विधि-विधान से करें, रात को दीपदान करें। इस दिन रात को सोएं नहीं।
सारी रात जगकर भगवान का भजन-कीर्तन करें, इसी के साथ भगवान से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगे। इसके बाद ब्राह्मणों को ससम्मान आमंत्रित करके भोजन कराएं और उन्हे भेट और दक्षिणा दें। इसके बाद सभी को प्रसाद देने के बाद खुद भोजन करें।
इन ख़बरों पर भी डालें एक नजर :-
अगर आपने देखा है ये सपना तो समझ लें चमकने वाली है आपकी किस्मत
जानिए कैसे हुए एक ही पिता के पुत्रों के वंश अलग-अलग
आपको यदि रात को अच्छी नींद नहीं आती तो करें ये उपाय