तिनसुकिया कांड: पीड़ित परिवारों से मिले तृणमूल के नेता, इंसाफ के लिए राष्ट्रपति से मिलवाएंगे

Samachar Jagat | Monday, 05 Nov 2018 10:53:11 AM
Tinsukia scandal: Trinamool leaders from victims families

तिनसुकिया (असम)। तृणमूल कांग्रेस के 4 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार की सुबह तिनसुकिया जिले में उन शोकसंतप्त परिवारों से मिला जिनके परिवार के सदस्यों की हत्या संदिग्ध उग्रवादियों ने कर दी थी। प्रतिनिधिमंडल ने घृणा अपराध करने वालों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की।

तृणमूल नेतृत्व ने ये फैसला भी किया कि पीड़ितों के परिजनों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास ले जाया जाए, ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता डेरेक ओब्रायन के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी की लोकसभा सदस्य ममता बाला ठाकुर, राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक और विधायक महुआ मोइत्रा शामिल हैं।

यह प्रतिनिधिमंडल तिनसुकिया जिले के खेरोनीबाड़ी गांव में शोकसंतप्त परिवारों के सदस्यों से मिला। असम सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उनसे कहा कि वे ऐसा कोई भड़काऊ बयान नहीं दें जिससे राज्य में माहौल खराब हो।

ओब्रायन ने कहा कि यह दुखद दिन है। मेरे पास कहने को शब्द नहीं हैं। लेकिन इस दुख के बाद भी इसे सुने जाने की जरूरत है....इसके पीछे कौन है, यह पता लगाने के लिए हम असम, बंगाल, देश और संसद में जो कुछ बन पड़ेगा, वह करेंगे। असम में बीजेपी के विधायक बोलिन चेतिया तृणमूल की टीम के साथ ढोला इलाके के खेरोनीबाड़ी गांव में पीड़ितों के घर गए।

पीड़ितों के परिजनों से मिलने के बाद ओब्रायन ने पत्रकारों से कहा कि दोषियों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। हम इसकी तह तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं देशभर में हो रही हैं और ये हत्याएं केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की विभाजनकारी नीतियों का नतीजा हैं।

ओब्रायन ने सवाल उठाया कि इन घटनाओं से किसे फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों और स्थानीय लोगों से मुझे जो कुछ सुनने को मिल रहा है, उसके अनुसार जो कुछ नजर आ रहा है, मामला उससे कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पीड़ितों के परिजनों की तरफ से लड़ाई जारी रखेगी ताकि उन्हें पता चले कि इस अपराध के पीछे किसका हाथ है।

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पार्टी ने हर पीड़ित परिवार को सहायता-राशि के तौर पर एक-एक लाख रुपए दिए हैं। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट किया, 5 शोकाकुल परिवार के सदस्यों और तृणमूल नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय राष्ट्रपति से मिलेगा। राष्ट्रपति भवन से मिलने का वक्त मांगा गया है।

अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरुवार की रात खेरोनीबाड़ी गांव के निकट बंगाली भाषी पांच लोगों की हत्या कर दी थी। इनमें तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। ओब्रायन ने पीटीआई-भाषा से कहा कि हम इन परिवार के सदस्यों के लिए न्याय चाहते हैं और तब तक हम अपनी लड़ाई नहीं छोड़ेंगे जब तक घृणा अपराध करने वालों को सजा न मिल जाए।

इससे पहले, दिन में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने तृणमूल नेताओं से अपील की कि वे कोई भड़काऊ बयान देने से परहेज करें। उन्होंने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा कि हम आतंकवादी हमले के पीड़ितों से मिलने आई तृणमूल कांग्रेस की टीम का स्वागत करते हैं।

उनसे हमारा एक ही अनुरोध है कि कृपया कोई ऐसा भड़काऊ बयान नहीं दें कि असम का माहौल खराब हो। ओब्रायन ने इससे पहले यहां हवाईअड्डे के बाहर पत्रकारों से कहा कि यह एक मानवीय दौरा है। यह दौरा पीड़ित और दुखी परिवारों के साथ खड़े होने के लिए है।

असम पहुंचने पर उन्होंने कहा कि हमारी प्रमुख ममता बनर्जी ने हमें कुछ निर्देश दिए हैं। ये लोग बंगाली हैं। वे सबसे गरीब हैं। वे हिदू हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हत्या पर गुस्सा जाहिर करते हुए शुक्रवार को कहा था कि देश में हिंसा का माहौल बन गया है।

राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अंतिम मसौदे के 30 जुलाई को प्रकाशन के बाद तृणमूल कांग्रेस के 6 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल 2 अगस्त को स्थिति का जायजा लेने के लिए सिल्चर गया था लेकिन उन्हें हवाईअड्डे पर ही रोक दिया गया था। उन्हें हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी और अगले दिन उन्हें वापस भेज दिया गया था। 



 

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