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Gold Silver Price Today: घरेलू सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव स्थिर बने रहे। राजधानी दिल्ली में सोना ₹300 प्रति 10 ग्राम महंगा होकर ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी का भाव ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर बिना किसी बदलाव के कायम रहा।
जानकारों का कहना है कि स्थानीय बाजार में ज्वेलर्स और खुदरा कारोबारियों की खरीदारी बढ़ने से सोने को समर्थन मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों पर दबाव देखने को मिला।
दिल्ली सर्राफा बाजार में क्या रहे ताजा भाव?
31 जुलाई को कारोबार के अंत में दिल्ली के सर्राफा बाजार में—
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24 कैरेट सोना: ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम
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चांदी: ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम
सोने में मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
विदेशी बाजार में सोना और चांदी दोनों फिसले
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को बुलियन की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली।
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स्पॉट गोल्ड लगभग 1.18% गिरकर 4,055 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
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स्पॉट सिल्वर करीब 2% टूटकर 57.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया।
सोने पर दबाव क्यों बना हुआ है?
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय सोने की चाल कई वैश्विक कारकों से प्रभावित हो रही है। इनमें प्रमुख हैं—
इन कारणों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी फिलहाल सीमित नजर आ रही है।
क्या सितंबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें?
हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी पिछली बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे सोने को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन बाजार में अब भी यह उम्मीद बनी हुई है कि आने वाले महीनों में यदि महंगाई का दबाव बना रहता है तो फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है।
आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश का आकर्षण कुछ कम हो जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों का क्या असर पड़ रहा है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम महंगाई बढ़ाने का जोखिम पैदा करते हैं।
यदि वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें इन कारकों से प्रभावित हो सकती हैं—
सोना खरीदने वालों के लिए क्या संकेत?
यदि आप निवेश या ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल दैनिक कीमतों के आधार पर फैसला लेने के बजाय बाजार के रुझान और अपने वित्तीय लक्ष्यों को भी ध्यान में रखें। कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए बड़ी खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह पर विचार करना बेहतर हो सकता है।
नोट: सोने और चांदी के भाव शहर, शुद्धता (कैरेट) और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।