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नई दिल्ली: सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। वैश्विक बाजारों में मुनाफावसूली और अस्थिरता के चलते घरेलू बाजार में भी सोना सस्ता हुआ है। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
7 फरवरी 2026 की सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव 4,887.30 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। वहीं भारत की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,53,850 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,41,040 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
देश के प्रमुख शहरों में आज के गोल्ड रेट
हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद सोने के भाव अब भी ऐतिहासिक ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं।
जेपी मॉर्गन का बड़ा अनुमान
वैश्विक निवेश बैंक JP Morgan ने सोने को लेकर लंबी अवधि में सकारात्मक रुख बनाए रखा है। बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतें 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।
इस तेजी की बड़ी वजह सेंट्रल बैंकों और बड़े निवेशकों की मजबूत मांग मानी जा रही है। अनुमान के मुताबिक, 2026 में सेंट्रल बैंक करीब 800 टन सोने की खरीद कर सकते हैं।
चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
चांदी में भी गिरावट जारी है। शनिवार सुबह चांदी का भाव घटकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर आ गया। गौरतलब है कि 30 जनवरी को चांदी ₹4 लाख प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई थी, जिससे इसकी भारी अस्थिरता साफ नजर आती है।
विदेशी बाजारों में चांदी 74 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
निर्मल बंग सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी रिसर्च हेड कुणाल शाह के मुताबिक, फिलहाल चांदी में तेजी का दौर समाप्त हो चुका है। उनका कहना है कि अब किसी भी उछाल का इस्तेमाल बेचने के लिए करना चाहिए, न कि खरीदारी के लिए।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में अत्यधिक और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के कारण यह फिलहाल जोखिम भरा निवेश बन गया है। वहीं, सोना अब भी लंबे समय के निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
निवेश से पहले महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक हालात पर नजर रखना जरूरी है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं
भले ही फिलहाल सोने-चांदी के दाम दबाव में हों, लेकिन खासकर सोने के मजबूत बुनियादी कारक बने हुए हैं। विशेषज्ञों की राय है कि अल्पकालिक गिरावट से घबराने की बजाय लंबी अवधि की रणनीति अपनाना बेहतर होगा।