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जयपुर। भजनलाल सरकार की ओर से प्रदेश में गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा लगातार अपात्रों को अपनी खाद्य सब्सिडी छोड़ने हेतु प्रेरित किया जा रहा है ताकि गरीबों को उनके हक का अनाज मिल सके। गत वर्ष 1 नवंबर को शुरू हुए गिव अप अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 48 लाख संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा चुके हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि 31 दिसंबर को गिव अप अभियान की अवधि समाप्त होने के उपरांत स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा नहीं त्यागने वाले अपात्रों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक एवं वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
ये परिवार हैं खाद्य सुरक्षा के लिए अपात्र
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार ऐसे परिवार, जिनका कोई भी एक सदस्य सरकारी/अर्द्धसरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी/अधिकारी हो अथवा एक लाख रूपए वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता है, जिस परिवार का कोई भी एक सदस्य आयकरदाता हो तथा ऐसे परिवार जिनके किसी भी एक सदस्य के पास चारपहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर), खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अपात्र होंगे।
सालाना 50 हजार से अधिक बिजली का बिल जमा कराने वाले भी नहीं हैं पात्र
साथ ही विभाग सालाना 50 हज़ार से अधिक बिजली का बिल जमा कराने वाले, घरों मे एयर कंडीशनर का उपयोग करने वाले एवं एमएसपी दर पर सरकार को सौ क्विंटल से अधिक फसल विक्रय करने वाले एनएफएसए लाभार्थियों की पात्रता की भी जांच करेगा। वहीं वर्ष में सौ क्विंटल से अधिक फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार को बेचने वाले व्यक्ति का एनएफएसए के तहत 5 किलो अनाज नि:शुल्क प्राप्त करना विरोधाभासी है।
PC:patrika
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