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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब अब कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है। गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में बड़ी बात कही है।
पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चौपट हो चुकी है। हाल ही में नदबई में भी एक हत्या हुई है। मेरे पास तो सूची है, आख़िर ये लोग और कितनी हत्याएँ करवाएँगे? समझ में ही नहीं आता कि सरकार आखिर समझ क्यों नहीं पा रही है। देखिए, 21 मार्च को फलौदी में तीन नकाबपोश आए, गोली चलाकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी और फरार हो गए। 14 मार्च 2026 को जयपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर, कमल मीणा की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की गई।
भरतपुर में एक ज्वैलर की हत्या कर दी गई , यह मुख्यमंत्री जी का स्वयं का जिला है। चूरू में 2–3 मार्च 2026 को एक होटल के अंदर फायरिंग हुई और 35 वर्षीय होटल मालिक मणीराम मंडा की हत्या कर दी गई। 15 मार्च 2026 को सिरोही के माउंट आबू में 30 वर्षीय अजय कुमार की हत्या हो गई। बाड़मेर में एक व्यापारी की सरेआम दुकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यानी एक ही महीने में 5–7 हत्याएँ हो चुकी हैं। ये हत्याएँ डकैती और गुंडागर्दी के रूप में की गईं। राजस्थान में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। आज गाँवों में अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न की जो घटनाएँ हो रही हैं, उनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। कई मामलों की जानकारी बाहर तक पहुँच ही नहीं पाती।
हमने पहले एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य किया था
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि हमने पहले एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य किया था, लेकिन इसे इन्होंने समाप्त कर दिया। ऐसे में सही स्थिति का पता ही नहीं चल पाता। आंकड़ों की जगलरी की जा रही है, ताकि कम से कम मामले सामने आएँ ये इन्होंने पूरा प्लान कर रखा है।
PC: etvbharat
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