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जयपुर। हमारी डबल इंजन की सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को पेंशन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रतिमाह की, जिससे राज्य के 976 पूर्व सैनिक एवं विधवाएं लाभान्वित हुई। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के अन्तर्गत गुरूवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी प्रदर्शनी का उद्घाटन के दौरान दी है। प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए गए विभिन्न आधुनिक हथियार, आर्टिलरीज और सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया।
5 कार्मिकों की आश्रित वीरांगनाओं को निवास भी दिए गए
सीएम ने इस दौरान बताया कि वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 विद्यालयों का नामकरण भी किया गया है। बैटल कैजुअल्टी सैनिकों के 7 आश्रितों एवं 23 शौर्य पदक धारकों को कुल 750 बीघा भूमि आवंटित की गई। वहीं, पुलवामा हमले में वीरगति प्राप्त केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 5 कार्मिकों की आश्रित वीरांगनाओं को निवास भी दिए गए है।
विभिन्न सुविधाओं के लिए नया वेब पोर्टल तैयार किया गया
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के पंजीकरण से लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए नया वेब पोर्टल तैयार किया गया है। भूतपूर्व सैनिकों, आश्रितों एवं वीरांगनाओं की पेंशन संबंधी विसंगतियों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर 418 कैम्पों का आयोजन कर 1 हजार 228 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में वर्ष 2024 एवं वर्ष 2025 में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई।
PC: dipr.rajasthan