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इंटरनेट डेस्क। नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन से हालात बिगड़ते रहा रहे हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफा के बाद भी विरोध प्रदर्शन नहीं थम रहा है। यहां पर लोगों ने राष्ट्रपति भवन, संसद, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री औरा कई मंत्रियों के घर फूंक डाले हैं।
वहीं पीएम केपी ओली शर्मा को सुरक्षित जगह पर शरण लेनी पड़ी है। जेन-जी के आंदोलन की इस आग को देखते हुए सेना ने ऐहतियाती कदम उठाते हुए पूरे देश में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। यह कर्फ्यू शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। वहीं नेपाल में हिंसा की लपटें भारतीय सीमा तक पहुंच गई हैं।
खबरों के अनुसार, पिथौरागढ़ में झूलाघाट और धारचूला से लगे नेपाली क्षेत्र दार्चुला और बैतड़ी में भी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला है। पिथौरागढ़ में धारचूला से लगे नेपाली क्षेत्र दार्चुला में प्रदर्शकारियों द्वारा कांग्रेस और एमाले कार्यालय में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारत- नेपाल सीमा पर आगजनी की घटना भी देखने को मिली। आपको बात दें कि भड़की इस हिंसा के कारण नेपाल में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वहीं बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।
भारत में सुरक्षा एजेंसियां हुई सतर्क
वहीं सुरक्षा एजेंसियों की ओर से उपद्रवी तत्वों द्वारा भारत-नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश और बिहार के जिलों में अशांति फैलाने आशंका को देखते हुए सशस्त्र सीमा बल, यूपी पुलिस और बिहार पुलिस को सतर्क कर दिया गया है ताकि सीमा पार हिंसा का असर भारत में न फैल पाए।
PC: newsbytesapp
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