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इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच का विवाद समाप्त होने का नहीं ले रहा है। अभी तक दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हुआ है। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर से अमेरिका को चेतावनी दे डाली है। ईरान ने अब बोल दिया कि वह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता, लेकिन उस पर हमला हुआ तो वह पूरी ताकत से जवाब देगा। खबरों के अनुसार, अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बोल दिया कि कि ईरान का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। देश पर किसी भी तरह का हमला या दबाव डाला गया तो तेहरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
वहीं डोनाल्ड ट्रंप सरकार की ओर से ईरान के ऊर्जा और बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बता दिया है कि उसने ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की है, जो दक्षिण और पूर्वी एशिया में करोड़ों डॉलर मूल्य की ईरानी एलपीजी बेच रहा था। अमेरिका ने अब ये भी आरोप लगा दिया है कि ईरानी गैस को जानबूझकर ओमान की एलपीजी बताकर बेचा जा रहा था, ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके। अमेरिका ने कुल 12 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आईआरजीसी ने किया ये दावा
दूसरी और ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ( आईआरजीसी) की ओर से दावा किया गया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद दुश्मन ठिकानों पर एयरोस्पेस मिसाइलों से हमला किया है। ये कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट के पास सीरिक शहर और केश्म आइलैंड पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई के जवाब में हुई है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट की ओर भेजे गए ईरान के चार वन-वे अटैक ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
PC: ndtv
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