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इंटरनेट डेस्क। अमेरिका के ईरान पर हमले लगातार दसवीं रात भी जारी रहे। अमेरिकी सेना की ओर से मंगलवार रात ईरान के दक्षिणी हिस्सों में हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया ने सीरिक, बंदर अब्बास, क़ेश्म द्वीप, चाबहार और कोनारक समेत कई इलाकों में विस्फोट होने की जानकारी दी है। वहीं ईरान की ओर से भी अमेरिका को जवाब दिया जा रहा है। ईरानी सेना ने कुवैत के कैंप अरिफजान में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तैनात HIMARS मिसाइल सिस्टम को निशाना बनाया।
ईरानी सेना ने खुद ये दावा किया है। ईरानी सेना ने कुवैत में मौजूद तीन प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कामिकाजे ड्रोन से हमला किया है। हमले में कैंप अरिफजान, कैंप अल-अदीरी और अहमद अल-जाबेर एयरबेस को निशाना बनाया गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर अमेरिकी सेना के कई सैन्य सिस्टम पर हमला किया। हमले में अर्ली वॉर्निंग रडार, मिसाइल डिफेंस रडार, FPS-117 रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एयर डिफेंस सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम को नष्ट के किए जाने का दावा किया गया है।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की
वहीं यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। हूतियों ने बोल दिया कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को सऊदी जहाजों के लिए बंद किया जाएगा और उनके सारे जहाज हमारे निशाने पर रहेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से शुरू हुई जंग दुनिया के देशों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। इसी कारण अब भारत सहित दुनिया के देशों में एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
PC: indianexpress
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