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WhatsApp पर आया एक साधारण सा नौकरी का मैसेज आपकी आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी WhatsApp के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बना रहे हैं। आसान काम और मोटी कमाई का लालच देकर ठग लोगों की मेहनत की कमाई छीन रहे हैं।
कल्पना कीजिए कि आपके फोन पर मैसेज आता है—“घर बैठे काम करें और हर महीने ₹50,000 कमाएं। बस कुछ आसान टास्क पूरे करने हैं।” बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई के दौर में ऐसा ऑफर किसी को भी आकर्षित कर सकता है, लेकिन यही मैसेज ठगी की शुरुआत हो सकता है।
कैसे काम करता है WhatsApp जॉब स्कैम
ठग आमतौर पर अनजान या विदेशी नंबरों से संपर्क करते हैं। वे पार्ट-टाइम जॉब, ऑनलाइन टास्क या निवेश आधारित काम का लालच देते हैं। शुरुआत में आपसे किसी ऐप को डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक करने को कहा जाता है।
विश्वास जीतने के लिए ठग पहले छोटी रकम ट्रांसफर कर देते हैं। इसके बाद वे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या ज्यादा कमाई के नाम पर निवेश की मांग करते हैं। जैसे ही पैसा ट्रांसफर होता है, ठग या तो गायब हो जाते हैं या और पैसों की मांग करने लगते हैं।
कई मामलों में फर्जी ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए बैंक डिटेल्स चुरा ली जाती हैं, जिससे UPI फ्रॉड और अकाउंट हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग VoIP और अंतरराष्ट्रीय नंबरों का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनकी पहचान मुश्किल हो।
लोग आसानी से क्यों फंस जाते हैं
वर्क फ्रॉम होम का बढ़ता चलन और बेरोजगारी ने ठगों को मौका दिया है। वे प्रोफेशनल भाषा, नकली कंपनी प्रोफाइल और फर्जी कस्टमर सपोर्ट का सहारा लेते हैं। जल्दी फैसला लेने का दबाव और ज्यादा कमाई का सपना लोगों को सावधानी बरतने से रोक देता है।
खुद को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
अनजान नंबर से आए किसी भी जॉब ऑफर पर भरोसा न करें। असली कंपनियां WhatsApp पर रैंडम मैसेज नहीं भेजतीं। नौकरी से जुड़ी जानकारी को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म पर जरूर जांचें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। अगर कोई जॉब पहले पैसे मांगती है, तो उसे तुरंत अस्वीकार करें। WhatsApp पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें और प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत बनाएं।
स्पैम नंबर पहचानने वाले ऐप्स का इस्तेमाल भी फायदेमंद हो सकता है। याद रखें, जो ऑफर जरूरत से ज्यादा अच्छा लगे, वह अक्सर फर्जी होता है।
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें
अगर आप पहले ही ठगी का शिकार हो चुके हैं, तो तुरंत कार्रवाई करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि आगे के ट्रांजेक्शन रोके जा सकें।
मैसेज, भुगतान रसीद और कॉल डिटेल्स जैसे सभी सबूत सुरक्षित रखें। समय पर रिपोर्ट करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है और दूसरे लोगों को भी इस तरह की ठगी से बचाया जा सकता है।