इस तरीकों से आमजन को निशाना बनाते हैं साइबर ठग, ऐसा करने से बचें

Hanuman | Wednesday, 05 Aug 2026 09:15:44 AM
This is how cyber fraudsters target the general public

इंटरनेट डेस्क। स्मार्टफोन में सेव डेटा साइबर ठगी का बड़ा कारण बन सकता है। लोगों के लिए स्मार्टफोन में पासवर्ड, बैंकिंग पिन और निजी दस्तावेज रखना पड़ सकता है भारी पड़ सकता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को स्मार्टफोन में निजी और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने को लेकर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि आज स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, निजी दस्तावेज, डिजिटल लॉकर और व्यक्तिगत जानकारी का केंद्र बन चुका है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर ठगी, पहचान चोरी और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि भारत में रोजाना 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले होते है, इसलिए एक छोटी सी लापरवाही से आर्थिक नुकसान और पहचान चोरी का खतरा हो सकता है। फोन को सुरक्षित रखने के लिए राजस्थान पुलिस की ओर से सलाह दी गई है। हाल ही में सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों का हवाला देते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने जानकारी दी है।

साइबर ठग इन जानकारियों के आधार पर आमजन को बनाते हैं निशाना

-पहचान चोरी: आधार, पैन, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम, बैंक खाते या लोन लिए जा सकते हैं।

-वित्तीय धोखाधड़ी: बैंकिंग ऐप, यूपीआई और ओटीपी तक पहुंच बनाकर खाते से रकम उड़ाई जा सकती है।

-ब्लैकमेलिंग: निजी फोटो, वीडियो और एआई चैट हिस्ट्री के जरिए ब्लैकमेल या डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध किए जा सकते हैं।

-कॉरपोरेट जासूसी: ऑफिस ई-मेल और गोपनीय दस्तावेज चुराकर कंपनियों से फिरौती मांगी जा सकती है।

PC: bhaskar
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