कोरोना का कांग्रेसी दांव, फिलहाल कमलनाथ सरकार का संकट टला

Samachar Jagat | Monday, 16 Mar 2020 10:02:33 PM
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कांग्रेस ने कोरोना दांव से फिलहाल तो कमलनाथ सरकार का संकट टाल दिया है. हालांकि पहले ही इस बात की उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री कमलनाथ सोमवार को सदन में बहुमत साबित करने से पहले सियासी खेल खेलेंगे. खेला भी, देश में फैले कोरोना वायरस ने उनकी मदद की और कोरोना के खतरों के बीच सदन 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया. वैसे सुबह से ही भोपाल में गहमागहमी थी. विधायक लाए और ले जाए जा रहे थे. लेकिन खेल तो करोना ही ने खेला. वैसे अभी और नाटकीय घटनाक्रम होंगे. आरोप लगेंगे, लगाएं जाएंगे. विधायक तोड़े जाएंगे, विधायकों को बचाने की कोशिश भी होगी.

मध्य प्रदेश विधानसभा कोरोना वायरस को देखते हुए 26 मार्च तक स्थगित कर दी गई है. इसकी शिकायत भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल की ओर से सोमवार को फ्लोर टेस्ट कराने के लिए कहा गया था लेकिन इसके बाद भी इस पर अमल नहीं किया गया. शिवराज ने कोर्ट से जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की. दरअसल इस बात के संकेत पहले ही विधानसभा स्पीकर की ओर से दिए जा रहे थे कि फ्लोर टेस्ट टाला जा सकता है. हालांकि राज्यपाल लालजी टंडन ने स्पीकर से कहा था कि सोमवार को फ्लोर टेस्ट करा लिया जाए.

लेकिन जब सोमवार को विधानसभा की कार्यसूची में इसका जिक्र नहीं था तो असमंजस बढ़ गया. दरअसल कमलनाथ की पूरी कोशिश थी कि किसी तरह से फ्लोर टेस्ट को टाल दिया जाए ताकि नाराज विधायकों मनाया जा सके. वहीं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना था कि सरकार अल्पमत में है इसलिए वह फ्लोर टेस्ट से भाग रही है.

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है लेकिन उसके सोलह विधायक गायब हैं उनके बिना फ्लोर टेस्ट कैसे हो सकता है. विधायकों के गायब होने की बात मुख्यमंत्री कमलनाथ गृहमंत्री अमित शाह को भी बता चुके हैं. पीसी शर्मा ने यह भी कहा कि जिन विधायकों को बंगलुरू रखा गया है उनको हेप्नोटाइज किया जा रहा है. लेकिन जिन विधायकों की बात पीसी शर्मा कर रहे हैं उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेजा है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के सोलह बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को अपने इस्तीफे भेजे हैं. इन विधायकों ने स्पीकर से कहा है कि व्यक्तिगत तौर पर मिलना संभव नहीं है. जैसे छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए हैं, वैसे ही हमारे इस्तीफे भी स्वीकार करें. विधानसभा स्पीकर ने शनिवार को मध्यप्रदेश के छह मंत्रियों के विधानसभा सदस्यता से त्याग पत्र मंजूर कर लिए हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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