- SHARE
-
जयपुर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आज लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है।
आरएलपी प्रमुख बेनीवाल ने एक्स के माध्यम से कहा कि आज देश का युवा सरकारों से यह सवाल पूछ रहा है कि जब वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद भी परीक्षा माफिया, भ्रष्ट तंत्र और मिलीभगत के कारण प्रश्नपत्र पहले ही बिक जाएँ, तो उसकी मेहनत और प्रतिभा का मूल्य क्या रह जाता है?
बेनीवाल ने कहा कि सदन में मैंने राजस्थान में हुए पेपर लीक मामलों और ओएमआर घोटाले का भी विस्तार से उल्लेख किया। मैंने कहा कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर संसद के बाहर तक लाखों युवाओं ने जिस तरह संघर्ष कर इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की, उसी संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ा। मैंने सदन में स्पष्ट कहा कि राजस्थान में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी—दोनों के शासनकाल में दर्जनों भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। दोनों सरकारों के समय युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का विश्वास कमजोर हुआ।
बेनीवाल ने कहा कि मैंने इस विधेयक पर सुझाव देते हुए कहा कि जहां अपराध संगठित गिरोह द्वारा अथवा दो या अधिक लोक परीक्षाओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया हो, आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए, पेपर लीक से जुड़े मामले में अन्वेषण की सम्पूर्ण कार्यवाही की डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए तथा उसकी निगरानी संबंधित उच्च न्यायालय द्वारा नामित न्यायाधीश से करवाने का प्रावधान भी रखा जाए तथा दोषसिद्ध व्यक्ति आजीवन किसी भी लोक परीक्षा, सरकारी भर्ती, सरकारी सेवा, सार्वजनिक उपक्रम तथा सरकारी संविदा में भाग लेने के लिए अयोग्य हो साथ ही मैंने सदन में यह महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया कि पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए नार्को टेस्ट एवं पॉलीग्राफ टेस्ट कराने हेतु आरोपी की सहमति अनिवार्य रखने के बजाय, न्यायालय के आदेश या पुलिस की मांग पर इन परीक्षणों की अनुमति देने का कानूनी प्रावधान किया जाना चाहिए।
केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है
बेनीवाल ने कहा कि मेरा मानना है कि केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं है। जब तक पेपर लीक के मास्टरमाइंड, भ्रष्ट अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा।
PC: X
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें