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इंटरनेट डेस्क। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने कहा है कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद कुछ सोशल मीडिया प्रभावशाली लोग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म देश के हित के खिलाफ काम करते दिख रहे हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाले पैनल ने सूचना प्रवाह की निगरानी कर रहे दो मंत्रालयों से ऐसे प्रभावशाली लोगों और प्लेटफार्मों के खिलाफ उनकी कार्रवाई की योजना के बारे में विवरण मांगा है। समिति ने सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों को भेजे अपने पत्र में आईटी अधिनियम 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत ऐसे प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
8 मई को तक देना होगा जवाब
जानकारी के अनुसार यह पत्र दोनों मंत्रालयों के संबंधित सचिवों को भेजा गया है, तथा उन्हें 8 मई तक विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। भारत ने हमले के अपराधियों को पकड़ने की कसम खाई है तथा पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक उपायों की घोषणा की है, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी में भूमि सीमा पार करना बंद करना तथा राजनयिक संबंधों को कम करना शामिल है।
केंद्र सरकार ने उठाए हैं ठोस कदम
केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को दिए जाने वाले सभी प्रकार के वीजा रद्द कर दिए हैं और पाकिस्तानी एयरलाइंस द्वारा संचालित उड़ानों के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में, पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापार को निलंबित करने की घोषणा की, जिसमें पाकिस्तान के माध्यम से किसी तीसरे देश से आने-जाने वाले व्यापार भी शामिल हैं और भारतीय एयरलाइनों को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया। पाकिस्तानी सेना पिछले 10 दिनों से लगातार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है।
PC : Economicstimes