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जयपुर। भजनलाल सरकार प्रदेश में निकाय चुनाव नहीं करवाने के कारण कांग्रेस के निशाने पर बनी हुई है। अब सरकार ने विधानसभा में निकाय चुनाव में देरी का कारण बना दिया है। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने विधानसभा में बताया कि विभिन्न प्रदेशों के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोगों द्वारा अन्य पिछड़ी जातियों को राजनीतिक आरक्षण देने हेतु रिट याचिकाएं दायर की गई थी।
रिट याचिकाओं पर निर्णय देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा की राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अधिकृत आंकड़े राज्य सरकार को प्रस्तुत करने होंगे। यह आंकड़े राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किए जाने के उपरांत अन्य पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण दिया जा सकता है।
झाबर सिंह खर्रा ने इस संबंध में आगे कहा कि वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग जनसंख्या के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण नगर निकाय चुनाव में विलंब हो रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देकर नगर निकायों में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
दो से अधिक संतानों वाले प्रत्याशी अब नगर निकायों के चुनावों में ले सकेंगे भाग
वहीं विधानसभा में मंगलवार को राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित किया गया। संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि दो से अधिक संतानों वाले प्रत्याशी अब नगर निकायों के चुनावों में भाग ले सकेंगे। अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि को रोकने हेतु पूर्व में दो से अधिक संतान वाले व्यक्तिओं को नगर निकाय चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। आमजन में बढ़ी सजगता के कारण बदले परिदृश्य में यह नियम अब अप्रासंगिक है। लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप इसे संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। इससे अनुभवी लोगों को नगर निकायों से लोकतांत्रिक रूप से चुन के आने का अधिकार मिल सकेगा।
PC: bhaskar
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