माइक्रो प्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं कॉन्टैक्ट लेंस  

Samachar Jagat | Monday, 20 Aug 2018 01:24:09 PM
Contact lenses are promoting micro-plastic pollution

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

वाशिंगटन। प्लास्टिक के इस्तेमाल से होने वाले प्रदूषण से सभी वाकिफ हैं लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इस्तेमाल के बाद फेंके जाने वाले कॉन्टैक्ट लेंस विश्वभर के जल निकायों में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं और इस प्रकार से ये मनुष्य की खाद्य सामग्री तक भी पहुंच सकते हैं। शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि दूषित जल शोधन केन्द्र में पाए जाने वाले माइक्रोब्स ने प्लास्टिक पॉलीमर्स में बांड को कमजोर करके कॉन्ट्रैक्ट लेंसो के तल को परिवर्तित कर दिया। 

अनुसंधानकर्ताओं में शामिल भारतीय मूल के शोधकर्ता वरूण केल्कर ने कहा, ''जब प्लास्टिक अपनी कुछ संरचनात्मक क्षमता खोता है तो वह प्राकृतिक रूप से खंडित हो जाता है। इससे प्लास्टिक के सूक्ष्म कण बनते हैं जो आगे जा कर माइक्रोप्लास्टिक के निर्माण का कारण बनते हैं।’’ जलीय जीव-जंतु माइक्रोप्लास्टिक को भोजन समझने की भूल कर इन्हें खा लेते है और चूँकि  प्लास्टिक को पचाया नहीं जा सकता तो यह जलीय जीव-जंतुओं की पाचन शक्ति को खराब करते हैं। ये जन्तु लंबी खाद्य श्रृंखला का एक भाग होते हैं और इस प्रकार से ये मानव खाद्य पदार्थों तक भी पहुंच सकते हैं।

खूबसूरत दिखने के लिए आहार में शामिल करें ये विटामिन, कुछ दिनों में पाएंगे ग्लोइंग स्किन

अरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्र चार्ली रोल्स्की कहते हैं, ''हमने अमेरिकी बाजारों का रूख किया और कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों पर सर्वेक्षण करके पाया कि 15 से 20 प्रतिशत लोग अपने लेंसों को सिक अथवा टॉयलेट में बहा देते हैं।’’  उन्होंने कहा कि बाद में इन लेंसों का क्या होता है इसका आकलन मुश्किल हैं क्योंकि एक तो यह पारदर्शी होते हैं इसलिए अपशिष्ट जल शोधन केन्द्र में इन पर निगाह रखना मुश्किल होता है। इसके अलावा कॉन्टैक्ट लेंस में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक अन्य प्लास्टिक अपशिष्टों से अलग होती है मसलन पॉलीप्रोपेलीन जो कार की बैटरी से ले कर कपड़ों तक में पाई जाती है। इन कारणों से अपशिष्ट जल शोधन केन्द्र में कॉन्टैक्ट लेंसों का प्रसंस्करण चुनौती पूर्ण है। - एजेंसी 

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!



Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.