प्रदर्शन के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, सडक़ों पर कूड़ा डालना अस्वीकार्य : उच्च न्यायालय

Samachar Jagat | Monday, 11 Jun 2018 01:07:05 AM
Disposal of public property under performance, waste on roads unacceptable: High Court

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि प्रदर्शन करने को नागरिकों के संवैधानिक अधिकार के तौर पर मान्यता दी गई है। लेकिन प्रदर्शन करते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सडक़ों पर कूड़ा फेंकना संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य है। 

अदालत ने मीडिया में आई खबरों पर संज्ञान लेते हुए हाल ही में यह कहा। गौरतलब है कि मीडिया में यह खबर आई थी कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा अनुबंध पर नियुक्त सफाइकॢमयों ने 24 मई को अपनी नौकरियों को नियमित करने और बेहतर पारिश्रमिक की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और शास्त्री भवन तथा रेल भवन जैसे महत्वपूर्ण भवनों के सामने कूड़ा डाल दिया था। 

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने कहा कि प्रदर्शन करने की इजाजत है लेकिन प्रदर्शन की प्रकृति पर सवाल किया जा सकता है। अदालत ने एनडीएमसी के अध्यक्ष को 16 जुलाई के लिए नोटिस जारी किया है और उन्हें उन कर्मचारियों की सूची देने को कहा है जो प्रदर्शन में शामिल थे। 

पीठ ने कहा कि मौजूदा मामले में प्रदर्शन के तहत सडक़ों पर कूड़ा डाल दिया गया। वहीं , पुलिस थाना , बस , रेल पटरी सहित अन्य सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के कई उदाहरण देखे गए हैं। प्रदर्शन करने को नागरिकों का संवैधानिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप्त है लेकिन इस तरह के प्रदर्शनों की संवैधानिक रूप से इजाजत नहीं हो सकती। -(एजेंसी)



 

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