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इंटरनेट डेस्क। गणेश चतुर्थी का पर्व आज देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज से गणेश महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। देश के सभी गणेश मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों की दर्शनों के लिए लम्बे कतारें लगी हुई हैं। आज घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके बाद 10 दिवसीय महोत्सव में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की पूजा की जाती है। ऐसा करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
आज हम आपको गणेश स्थापना पूजा विधि के बारे में जानकाकरी देने जा रहे हैं। शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को एक वेदी (चौकी) पर स्थापित करना होगा। वेदी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाकर पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, अक्षत (चावल) और फूल लेकर व्रत व पूजा का संकल्प लेना होगा। इसके बाद ओम गं गणपतये नम मंत्र का जाप करना होगा। इसके बाद गणपति बाप्पा का आह्वान करना होगा।
फिर गणेश जी की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से स्नान करवाकर उन्हें नए वस्त्र, पुष्प और आभूषण पहनाने होंगे। इसके बाद भगतवान को मोदक और लड्डू का भोग लगाए। भगवान गणेश जी को लड्डू का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। बताया जाता है किगणेश जी का प्रिय भोग मोदक है।
जयपुर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़
वहीं जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों गढ़ गणेश और मोती डूंगरी गणेश मंदिरों में आज भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली है। दर्शनों के लिए लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई हैं। कल शहर में भगवान गणेश जी की शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
PC: navbharattimes
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