सावन 2025: 11 जुलाई से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना, जानें व्रत, रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक महत्व

epaper | Monday, 16 Jun 2025 01:24:11 PM
Sawan 2025: Lord Shiva's favorite month will start from July 11, know about fasting, Rudrabhishek and spiritual significance

सनातन धर्म में सावन माह को सबसे पवित्र और भगवान शिव को समर्पित महीनों में से एक माना जाता है। यह महीना केवल व्रत और पूजा का ही नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और आत्मिक शुद्धि का अवसर भी होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान भगवान शिव विशेष रूप से पृथ्वी पर निवास करते हैं, जिससे इस महीने की पूजा, व्रत और रुद्राभिषेक का फल अत्यधिक प्रभावी होता है।


???? सावन 2025 कब से शुरू हो रहा है?

वर्ष 2025 में सावन का पावन महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगा। यह अवधि सूर्य के दक्षिणायन में प्रवेश की होती है, जिसे भगवान शिव का अधिकार क्षेत्र माना जाता है।


????️ सावन सोमवार व्रत की तारीखें (Sawan Somwar 2025):

सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है। शिव भक्त पूरे महीने प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर शिवजी की पूजा करते हैं।

  • पहला सावन सोमवार: 14 जुलाई 2025

  • दूसरा सावन सोमवार: 21 जुलाई 2025

  • तीसरा सावन सोमवार: 28 जुलाई 2025

  • चौथा सावन सोमवार: 4 अगस्त 2025

???? व्रत की शुरुआत 11 जुलाई के बाद आने वाले पहले सोमवार से होती है।


???? सावन माह का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व:

  • स्कंद पुराण के अनुसार, स्वयं भगवान शिव ने सनतकुमार ऋषि से कहा था कि सावन माह उन्हें अत्यंत प्रिय है।

  • इस पूरे महीने में हर तिथि और वार का विशेष धार्मिक महत्व होता है।

  • इस महीने में की गई साधना से व्यक्ति को आध्यात्मिक बल, मानसिक शांति और शिव कृपा प्राप्त होती है।


???? रुद्राभिषेक का महत्व और सावन में इसकी विशेषता:

  • रुद्राभिषेक यानी शिवलिंग का जल, दूध, घी, शहद आदि से अभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

  • समुद्र मंथन की कथा के अनुसार, जब हलाहल विष निकला था, तो शिवजी ने उसे पीकर संपूर्ण सृष्टि की रक्षा की थी। इस विष से उनके शरीर में भयंकर उष्मा उत्पन्न हुई, जिसे शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर निरंतर जल अर्पित किया।

  • तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है।


???? सावन और भगवान शिव के ससुराल जाने की कथा:

एक मान्यता के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव अपनी ससुराल (पार्वती जी के मायके) जाते हैं, जहां उनका स्वागत जलाभिषेक और पूजा से किया जाता है। इसलिए, कन्याएं और महिलाएं भी इस महीने में विशेष रूप से व्रत रखती हैं ताकि उन्हें योग्य पति और पारिवारिक सुख प्राप्त हो।


⚠️ महत्वपूर्ण सूचना:

यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। कृपया किसी भी पूजा विधि को अपनाने से पहले संबंधित पंडित या धर्मगुरु से परामर्श अवश्य लें।

सावन 2025 केवल एक कैलेंडर महीना नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अवसर है। अगर आप श्रद्धा और नियम से व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और शिवनाम का जप करते हैं, तो यह महीना आपके जीवन को सुख, शांति और सफलता से भर सकता है।



 


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