- SHARE
-
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर एक बार फिर से भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। इस संबंध में डोटासरा ने अब सोशल मीडिया के माध्मय से बड़ी बात की है।
पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में एक्स के माध्मय से कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243-ई के तहत पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 5 वर्ष में अनिवार्य हैं, लेकिन भाजपा जानबूझकर इन प्रावधानों की अवहेलना की रही है।
उन्होंने कहा ओबीसी सर्वे को बहाना बनाकर चुनाव टाले जा रहे हैं, जबकि इस विषय पर 2022 में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट फैसला आ चुका है और सरकार को बने सवा 2 साल से अधिक हो गए हैं। ओबीसी आयोग का 3 माह का कार्यकाल बढ़ाकर 9 माह किया गया, ताकि रिपोर्ट न आए और चुनाव टाले जा सकें। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देने के बाद मजबूरी में चुनाव की तारीख बताई गई, लेकिन अब भी लूपहोल खोजकर प्रक्रिया को रोकने की साजिश जारी है।
मतदाता सूची से नाम काटने की कोशिश लोकतंत्र पर सीधा हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस संबंध में आगे कहा कि राजस्थान में हजारों की संख्या में बल्क आपत्तियां लेकर मतदाता सूची से नाम काटने की कोशिश लोकतंत्र पर सीधा हमला है। अगर 2002 की वोटर लिस्ट से मैपिंग के बाद भी नाम कटाने की आपत्तियां ली गई हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार एसडीएम, बीएलओ और तहसीलदार हैं, जिन पर कार्रवाई तय है। कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
PC: X
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें