Gehlot ने अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया, कहा- चिंता का विषय…

Hanuman | Tuesday, 04 Aug 2026 01:06:14 PM
Gehlot targeted the Bhajanlal government over the Aravalli mountain range, calling it a matter of concern

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक फिर से अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है। गहलोत ने आज इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात की है।

उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी 6 से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का दौरा कर पर्यावरण, खनन, जैव विविधता और भूमि उपयोग का जमीनी आकलन करेगी। यह अरावली के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है, परन्तु चिंता का विषय यह है कि आईसीएफआरई द्वारा 27 जून को पत्र भेजे जाने और दोबारा स्मरण कराए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक नोडल अधिकारी तक नियुक्त नहीं किया है जो निंदनीय है।

अशोक गहलोत ने कहा कि अरावली केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, थार के रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकने वाली प्राकृतिक दीवार है। यह प्रदेश के जल स्रोतों, वर्षा चक्र, वन्यजीवों और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में अरावली में अवैध खनन पूरी तरह रोकने और अरावली हिल्स के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया था। आज स्थिति यह है कि सर्वोच्च न्यायालय की कमेटी के दौरे तक के लिए सरकार प्रशासनिक तैयारी नहीं कर पाई।

अरावली बचेगी तो राजस्थान बचेगा
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि सरकार से आग्रह है कि तत्काल वरिष्ठ नोडल अधिकारी नियुक्त कर कमेटी के समक्ष प्रदेश का पक्ष पूरी गंभीरता से रखे, जनसुनवाई में स्थानीय समुदायों, किसानों और पर्यावरणविदों की आवाज दर्ज हो एवं अवैध खनन पर ठोस कार्रवाई की जाए। अरावली बचेगी तो राजस्थान बचेगा।

PC:  rajasthan.ndtv
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