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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर छपी एक खबर के आधार पर भाजपा पर निशाना साधा है। इस संबंध में गहलोत ने आज एक्स के माध्यम से कहा कि राजस्थान में लोकतंत्र का चीरहरण किस स्तर पर हो रहा है, रामगढ़ (अलवर) का यह प्रकरण इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
एक ही दिन में 1383 फर्जी आपत्तियां, वो भी भाजपा के बीएलए के नाम पर? जब खुद बीएलए हस्ताक्षर से इनकार कर रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि यह केवल 'वोट चोरी' नहीं, बल्कि कूटरचित दस्तावेजों (Forgery) के जरिए जनादेश पर डकैती डालने का सुनियोजित षड्यंत्र है। पूरे प्रदेश में भाजपा ने इस तरह का प्रयास किया पर इनका भंडाफोड़ हो गया।
प्रशासन और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर यह गंभीर प्रश्नचिह्न है। राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन की यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि इस तरह का गैर कानूनी कार्य न हो एवं उनसे मेरी मांग है कि इस 'जालसाजी' में शामिल लोगों और मूकदर्शक बने अधिकारियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक प्रकरण (एफआईआर) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में काम कर रहे जिला कलेक्टर एवं ईआरओ के रूप में काम कर रहे एसडीएम किसी दबाव में न आएं एवं इस पूरी प्रक्रिया की पवित्रता को बनाए रखते हुए ईमानदारी एवं निष्पक्षता से काम करें। जनता सब देख रही है, लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
PC: tv9hindi
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