Ashok Gehlot का बड़ा बयान, कहा- भारत देश की शक्ति उसकी स्वतंत्र आवाज में है, न कि किसी की 'जी-हुजूरी' में

Hanuman | Thursday, 05 Mar 2026 01:44:56 PM
Ashok Gehlot's big statement

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से अमेरिका को लेकर केन्द्र सरकार को निशाने पर लिया है। गहलोत ने आज सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है।

गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि भारत देश की शक्ति उसकी स्वतंत्र आवाज में है, न कि किसी की 'जी-हुजूरी' में। नेहरू जी के गुट निरपेक्ष आंदोलन (Non Aligned Movement, NAM) से लेकर इंदिरा जी की निडर कूटनीति तक, भारत कभी किसी महाशक्ति के दबाव में नहीं झुका। हम सभी को 2013 का देवयानी खोबरागड़े मामला भी याद करना चाहिए जब डॉ. मनमोहन सिंह जी की सरकार ने अमेरिकी राजनयिकों की सुविधाएं छीनकर 'जैसे को तैसा' जवाब दिया था। भारत ने कभी भी किसी दूसरे देश के दबाव में आकर अपनी संप्रभुता एवं नीतियों से समझौता नहीं किया।

परन्तु हमारे ही समुद्री पड़ोस में #MILAN2026 के मेहमान #IRISDena का शिकार होना और हमारी 'रणनीतिक चुप्पी', भारत की साख पर सवाल उठाती है। अमेरिका की इस मनमानी पर चुप रहना 'अतिथि देवो भव' के हमारे संस्कारों और सैन्य गौरव के खिलाफ है।

भारत की 'चुप्पी' क्या कूटनीतिक दबाव का संकेत है?
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि हिंद महासागर का असली रक्षक (Net Security Provider) कहलाने वाले भारत की 'चुप्पी' क्या कूटनीतिक दबाव का संकेत है? एक उभरती महाशक्ति को अपने क्षेत्र में होने वाली ऐसी हिंसक घटनाओं पर मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए। अगर हम हिंद महासागर के असली रक्षक हैं, तो हमें अपनी स्वायत्तता और मेहमान की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना होगा।

PC:  firstindia
अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें 



 


ताज़ा खबर

Copyright @ 2026 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.