लक्ष्मण ने सीता के बारे में ऐसा क्या कहा कि राम रोने लगे

Samachar Jagat | Monday, 28 Nov 2016 04:45:19 PM
लक्ष्मण ने सीता के बारे में ऐसा क्या कहा कि राम रोने लगे

भगवान राम चौदह वर्षां तक वन में रहे, इसी काल में रावण ने देवी सीता का छल से हरण कर लिया और जब भगवान राम सीता को ढूंढते हुए मलय पर्वत पर पहुंचे, वहां पर उनकी मुलाकात वानर राज सुग्रीव से हुई। सुग्रीव अपने बड़े भाई बाली के डर से पर्वत पर छिपा हुआ था।

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जब राम ने सुग्रीव को सीता हरण की बात बताई तो सुग्रीव ने कुछ आभूषण राम को दिए, विमान से लंका जाते समय जिन्हें देवी सीता ने लंकापति रावण की नजरों से बचाकर वहां गिरा दिया था। इन आभूषणों को देखकर भगवान राम ने लक्ष्मण से पूंछा तुम देवी सीता के बाजूबंद, कर्णफूल, हार और पायलों को देखो क्या तुम इन्हें पहचानते हो।

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भगवान राम के इस प्रश्न को सुनकर लक्ष्मण जी रोते हुए बोले, हे प्रभु मैं देवी सीता के न तो बाजूबंद को जानता हूं, न उनके कुंडल पहचानता हूं। मैं तो देवी सीता के पैरों की वंदना करता हूं इसलिए मेरी दृष्टि हमेशा उनके चरणों पर रहती है। मैं केवल उनके चरणों में रहने वाली पायलों को पहचानता हूं। लक्ष्मण जी की इन बातों को सुनकर भगवान राम की आंखों से आंसू छलक गए और लक्ष्मण को गले लगाकर रोने लगे।

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