Birthday Special: जावेद अख्तर को मुंबई में करना पड़ा था केवल 100 रुपए के वेतन पर काम, ऐसे चमकी किस्मत

Hanuman | Saturday, 17 Jan 2026 12:34:22 PM
Birthday Special: Javed Akhtar had to work for a salary of just 100 rupees in Mumbai

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के जानेमाने शायर और गीतकार जावेद अख्तर का जन्मदिन है। आज 81 वर्ष के हो चुके जावेद अख्तर का जन्म आज ही के दिन 17 जनवरी 1945 को शायर-गीतकार जां निसार अख्तर के घर  घर हुआ था। उनका नाम जादू रखा गया। जावेद अख्तर ने अपने गीतों से बॉलीवुड में विशेष पहचान बनाई है।

आज हम आपको जावेद अख्तर से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। जन्म के कुछ समय के बाद जावेद अख्तर का परिवार लखनऊ आ गया। अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ से पूरी करने के बाद वह अलीगढ़ आ गए। जावेद अख्तर ने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से  और स्नातक की शिक्षा भोपाल के साफिया कॉलेज से पूरी की। अपने सपनों को नया रूप देने के लिए जावेद अख्तर साल 1964 में मुंबई  पहुंच गए।

यहां पर वह कुछ दिनों तक केवल 100 रुपए के वेतन पर फिल्मों मे डॉयलाग लिखने का काम करने लगे। इसके बाद उनकी मुलाकात सलीम खान से हुई जो फिल्म इंडस्ट्री में बतौर संवाद लेखक अपनी पहचान बनाना चाह रहे थे। फिर दोनों संयुक्त रूप से काम करने लगे। साल 1970 में प्रदर्शित फिल्म ''अंदाज'' की सफलता के बाद जावेद अख्तर को कुछ हद तक बतौर डॉयलाग रायटर फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली। इसके बाद उन्हें हाथी मेरे साथी, सीता और गीता, जंजीर, यादों की बारात' जैसी फिल्मों के लिए काम करने का मौका मिला।

फिल्म सिलसिला  से गीतकार के रूप में बनाई पहचान

साल 1981 में निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा की फिल्म सिलसिला  से जावेद अख्तर ने गीतकार के रूप में पहचान बनाई। इस फिल्म जावेद अख्तर के गीत ''देखा एक ख्वाब तो सिलसिले हुए और ये कहां आ गये हम..'' श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए।

PC: prabhatkhabar
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