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जयपुर। कृषि क्षेत्र और किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। क्षेत्र के उत्थान एवं कृषि अर्थव्यवस्था के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां और नवाचार कार्यक्रम लागू किए गए हैं, जिनसे दीर्घकालीन लाभ मिलेंगे।
ये बात कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने शुक्रवार को विधान सभा में कृषि विभाग की अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब देते हुए कही है। चर्चा के बाद सदन ने कृषि विभाग की 46 अरब 87 करोड़ 36 लाख 77 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल ने इस दौरान प्रदेश के किसानों को सदन के माध्यम से आश्वस्त किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में उनके हितों की पूरी रक्षा की गई है। गेहं, चावल, मक्का व प्रत्येक डेयरी उत्पाद, जिनके उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है, उनके आयात की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी। दलहन और तिलहन का रकबा और उत्पादकता बढ़ाकर इनमें भी आत्मनिर्भर बनने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य भण्डार निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं सामने आई है
किरोड़ी लाल ने कहा कि केन्द्र सरकार इसके लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं से प्रोत्साहन दे रही है लेकिन देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलहन-तिलहन की कीमतों में स्थिरीकरण के लिए अमेरिका से इनके कन्ट्रोल्ड आयात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के कृषि और डेयरी सेक्टर के सभी प्रकार के हितों की सुरक्षा के लिए राष्ट्र के प्रति वचनबद्ध हैं। हम किसान, पशुपालक व आमजन को किसी के बहकावे में नहीं आने देंगे। डॉ. किरोड़ी लाल ने इस दौरान कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में राजस्थान राज्य भण्डार निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं सामने आई है। अब सरकार एसीबी में प्रकरण दर्ज कराकर जांच कराएगी।
PC: theprint
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